ना कीमत बढ़ी ना घटी, फिर भी सोशल मीडिया पर हर कोई Parle G की बात क्यों कर रहा?
Parle G के नए ऐड पर एक यूजर ने लिखा कि ये सिर्फ एक विज्ञापन नहीं है. इसमें एक महत्वपूर्ण संदेश भी है.

आइए जी… पढ़िए जी… आप सोच रहे होंगे, हम हर शब्द में ‘जी’ क्यों लगा रहे हैं. अरे! लोग तो बिस्किट को भी ‘जी’ कहते हैं, और आप तो... और बात भी उसी बिस्किट की करनी है, जिसके नाम में जी लगा है- Parle G. इसका एक ऐड सोशल मीडिया पर वायरल है. वैसे तो है ये मार्केटिंग ही. लेकिन फुल इमोशन वाला. और आपको तो पता ही है कि इमोशन ‘महंगा’ बिकता है. कई बड़ी कंपनियां अपने ऐड को इमोशनल टच देती हैं. पारले जी के इस ऐड में भी यही है. सोशल मीडिया यूजर्स इसमें दिखाए गए बच्चों और पेड़-पौधों के बीच के कनेक्शन की खूब बात कर रहे हैं.
Parle G के ऐड में क्या है?ऐड में स्कूल की एक महिला हेड मास्टर की कहानी दिखाई गई है. उन्होंने अपने पहले बैच की यादों को एक ‘गार्डन’ के तौर पर संभाल कर रखा है. दरअसल, कहानी ये है कि शिक्षिका का पढ़ाया हुआ पहला बैच जब पास हुआ तो सभी बच्चों ने उनको एक-एक पौधा गिफ्ट दिया. ये साल 1995 का बैच था. अब वो 2025 बैच के बच्चों के साथ हैं. और ये साल उनके रिटायरमेंट का भी है. इसी बैच की एक लड़की हेड मास्टर की रिटायरमेंट पर उनको एक गिफ्ट देती हैं. 1995 बैच के बच्चों को वापस बुलाकर. वीडियो भी कोई पढ़ने की चीज होती है. आप देख ही लीजिए -
ये भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर भयंकर वायरल बिना हाथ वाली भारतीय लड़की ने कौन सा मेडल जीता?
पारले ने इस ऐड को 29 अगस्त को अपने यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया था. इस ऐड को शिक्षक दिवस को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इस ऐड को हिंदी, कन्नड़, मलयालम, तमिल और तेलुगु भाषा में रिलीज किया गया है. ऐड इतना लंबा है कि इसे टीवी पर ऐड के तौर पर नहीं दिखाया जा सकता. अरे, 3 मिनट 47 सेकंड का विज्ञापन टीवी पर थोड़ी न आता है. लेकिन सोशल मीडिया पर माहौल तगड़ा हो गया.
राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने इस वीडियो के लिए लिखा है,
पंकज पारेख नाम के यूजर ने लिखा,
ये भी पढ़ें: शक्तिमान के जरिए पारले-जी की बिक्री दो हजार टन ऐसे बढ़ा दी थी, कैंपेन चलाने वाले ने सुनाई कहानी
डी प्रशांत नायर ने लिखा,
ये भी पढ़ें: बिहार के सीतामढ़ी में ऐसी अफवाह फैली कि दुकानों पर पारले जी बिस्किट का स्टॉक ही खत्म हो गया!
राजेश कथपालिया ने लिखा,
वैसे यह इस ब्रांड का पहला विज्ञापन नहीं है जो चर्चा में रहा है. इससे पहले गणेश चतुर्थी के मौके पर भी पारले जी ने एक फिल्म बनाई थी. इसकी भी ठीक-ठीक चर्चा हुई थी.
वीडियो: बजाज के बाद अब पारले जी ने भी किया "ज़हर फैलाने" वाले चैनल्स को बाय-बाय

.webp?width=60)

