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बिहार के सीतामढ़ी में ऐसी अफवाह फैली कि दुकानों पर पारले जी बिस्किट का स्टॉक ही खत्म हो गया!

जितिया पर्व से जोड़कर किसी ने अफवाह फैलाई थी.

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2 अक्तूबर 2021 (अपडेटेड: 2 अक्तूबर 2021, 01:51 PM IST)
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यह अभी पता नहीं चला है कि Parle G को लेकर यह अफवाह कब, किसने और कहां फैलाई. (फोटो: इंडिया टुडे)
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बिहार का सीतामढ़ी जिला. यहां जितिया पर्व का खासा महत्व है. बीते दिनों इसी पर्व को लेकर ऐसी अफवाह फैली की जिले की किराना दुकानों पर पारले जी बिस्किट (Parle G) का स्टॉक खत्म हो गया. जहग-जगह इस बिस्किट को खरीदने की लाइनें लग गईं. क्या है पूरा मामला? इंडिया टुडे से जुड़े केशव आनंद की रिपोर्ट के मुताबिक, जितिया पर्व के दौरान महिलाएं व्रत रखती हैं. धारणा है कि यह व्रत रखने से बच्चों को लंबे और सुखी जीवन की प्राप्ति होती है. बीते दिनों भी सीतामढ़ी की महिलाओं ने ये व्रत रखा. इसी दौरान ये अफवाह फैल गई कि घर के लड़कों को मां को पारले जी बिस्किट (Parle G) खिलाना होगा. अगर घर के बेटे ऐसा नहीं करते हैं, तो कुछ अनहोनी हो सकती है. देखते ही देखते दुकानों पर पारले जी खरीदने वालों की भीड़ लग गई. एक ऐसे ही खरीदार ने इंडिया टुडे को बताया,
"कुछ देर पहले ही मैं अपनी दुकान से घर पहुंचा. घर पहुंचते ही मां ने कहा कि पारले जी ले आओ. मैंने पूछा कि आखिर किसलिए. मां ने बोला कि जिन्होंने जितिया का व्रत रखा हुआ है, उनका बेटा उन्हें पारले जी खिलाएगा. अब ये बात सही है या नहीं, ये तो नहीं पता. मोहल्ले में भी लोग यही बात कह रहे थे. कई लोगों से पूछा तो उन्होंने भी यही कहा. मां ने कहा है कि तो पारले जी लेने आ गया हूं. चार पारले जी लिए हैं. घर जाकर मां को खिलाऊंगा. देखते हैं कि क्या असर होता है."
इसी तरह एक दुकानदार ने बताया,
"अचानक से पारले जी को लेकर हल्ला हो गया. हमने पूछा क्या हुआ तो लोग बोले कि जो जितिया पर्व किए हुए है, उसके लड़कों को पारले जी खिलाना है. पूरी अफवाह फैल गई. हम तो दुकानदार है. लोग जो मांगेगे, वो देंगे. उन्होंने पारले जी मांगे तो मैंने वो दिया. लोगों ने पारले जी के अलावा कोई दूसरा बिस्किट नहीं खरीदा. अब बस मेरे पास स्टॉक में पारले जी के दो पैकेट बचे हुए हैं."
पारले जी को लेकर इस तरह की अफवाह कब, किसने और कहां से फैलाई, ये अभी तक साफ नहीं हो पाया है. वहीं एक स्थानीय न्यूज पोर्टल से बातचीत में  सीतामढ़ी जिला प्रशासन अधिकारी डीपीआरओ परिमल कुमार ने कहा
हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. इस दौर में हमें अंधविश्वास में बिल्कुल भी नहीं पड़ना चाहिए. यह बेहद हास्यास्पद अफवाह है. लोग शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान ना दें.
दूसरी तरफ, इस अफवाह के चलते सीतामढ़ी में पारले जी बिस्किट की बिक्री में उछाल आया है. पारले जी बिस्किट खाने से कुछ अच्छा होने की बात कोरी बकवास है. हालांकि, इस अफवाह से कंपनी को थोड़ा तो फायदा हुआ ही है.

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