The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Pahalgam terror attack lashkar terrorist video amit shah rajnath singh shubham dwivedi vinay narwal kashmir

पहलगाम के आतंकियों पर सबसे बड़ी खबर, हमले का video शूट करके कहां भेजा?

आतंकियों ने हमले का जो वीडियो बनाया है, वो लश्कर...

Advertisement
pic
23 अप्रैल 2025 (अपडेटेड: 23 अप्रैल 2025, 08:49 PM IST)
Pahalgam terrorists
पहलगाम अटैक के संभावित आतंकी
Quick AI Highlights
Click here to view more

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पहलगाम (Pahalgam) में आतंकी हमला (Terror Attack) केस में नए अपडेट्स सामने आए हैं. सूत्रों के हवाले से आई खबरों की मानें, तो कुल 7 आतंकियों के ग्रुप ने पहलगाम के बैसारन में सैलानियों पर फायर खोला था.

इन 7 में से 4 आतंकियों की तस्वीर और संभावित पहचान भी सामने आई है. नाम - आसिफ फूजी, आदिल, सुलेमान शाह और अबू तलहा. इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित दीप्तिमान तिवारी की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से दो आतंकी उर्दू का वो वर्जन बोल रहे थे, जो अमूमन पाकिस्तान के पश्तून प्रभुत्व वाले इलाके में बोली जाती है.

साथ ही ये जानकारी भी सामने आई है कि अटैकर्स के ग्रुप में से दो आतंकी कश्मीर के ही बाशिंदे हैं. उनके घरबार के बारे में जांच और पूछताछ जारी है सूत्रों के हवाले से आ रही जानकारियों की मानें, तो इन तमाम आतंकियों की सीमा पार पाकिस्तान के आर्मी कैंप में ट्रेनिंग हुई, ऐसा प्रतीत होता है. खबरों के मुताबिक, इन आतंकियों को लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सैफुल्लाह कसूरी उर्फ खालिद हैंडल कर रहा था, और आदेश दे रहा था.

शुरुआती जानकारियों के मुताबिक, हमला करने आए आतंकियों में से अधिकांश ने कैमोफ्लाज वर्दी पहनी हुई थी. टैक्टिकल वेस्ट पहने हुए थे. और कुछ आतंकियों के वेस्ट और हेलमेट पर कैमरे भी माउंटेड थे. गोया वो पूरी वारदात को दिखाने वास्ते रिकार्ड कर रहे हों.

आपको मालूम ही है कि ये अटैक, लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी ग्रुप The Resistence Front  (TRF) ने कराया है. साल 2019 में भारत सरकार ने जब जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को निष्प्रभावी कर दिया, तो लश्कर ने प्रतिबंधों का सामना करने के लिए TRF की नींव रखी थी. इस ग्रुप में आम कश्मीरी युवाओं को भर्ती करने के बजाय सीमा पार से ट्रेंड-रिटायर्ड सैनिकों को भर्ती किया जाता है, जो जंगलों में रहकर गुरिल्ला वॉर में माहिर होते हैं.

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने बॉडीकैम और हेलमेट कैम से 22 अप्रैल को हमले का जो वीडियो बनाया है, वो लश्कर और TRF के ट्रेनिंग और प्रॉपगैंडा वीडियो में इस्तेमाल किया जाएगा. आशंका जताई जा रही है कि इन वीडियोज़ का इस्तेमाल शुरू भी कर दिया गया होगा.

क्या था घटनाक्रम?

कश्मीर के पहलगाम की बैसारन घाटी. ये इलाका पहलगाम टाउन से 6 किलोमीटर दूर है. पक्की सड़क नहीं है, लिहाजा यहां तक जाने के लिए आपको खच्चर-घोड़े का इस्तेमाल करना होता है. 22 अप्रैल की दोपहर ढ़ाई बजे के आसपास का वक्त. इस समय बैसारन में मौजूद मैदान में लोगबाग छुट्टियां काट रहे थे. तभी हथियारबंद आतंकी घुस आए. उन्होंने लोगों से नाम पूछा, धर्म की शिनाख्त की. सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों के प्राइवेट पार्ट भी चेक किए गए. और फिर उन्हें गोली मार दी गई. अब तक इस घटना में 28 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं.

वीडियो: पहलगाम हमलाः वायरल वीडियो में भारतीय सेना से क्यों डरते दिखे टूरिस्ट?

Advertisement

Advertisement

()