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किराने की दुकान पर सर्दी-जुकाम की दवाएं मिलेंगी? केंद्र सरकार की कमेटी कर रही विचार

भारत में फिलहाल OTC यानी ओवर द काउंटर दवाएं मिले या नहीं, इस पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं है.

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18 अप्रैल 2024 (अपडेटेड: 18 अप्रैल 2024, 03:42 PM IST)
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किराने की दुकानों पर मिलेगी सिर दर्द, जुकाम की दवा? (प्रतीकात्मक तस्वीर - इंडिया टुडे)
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आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाएं यानी सर्दी, जुकाम और बुखार की दवाएं भारत में जनरल स्टोर्स पर मुहैया कराई जानी चाहिए या नहीं. OTC नीति होनी चाहिए या नहीं. यानी ओवर द काउंटर बिक्री हो या नहीं.  भारत सरकार की बनाई गई एक समिति इस पर गंभीरता से विचार कर रही है. इस बारे में समिति की बैठक में चर्चा भी की गई. ओवर द काउंटर दवाओं में ऐसी दवाएं आती हैं, जिन्हें डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना बेचने की छूट होती है. अमेरिका समेत कई देश किराने की दुकानों में आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की बिक्री की छूट देते हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, सरकार ग्रामीण इलाक़ों को ध्यान में रखते हुए इस नीति को लाने की तैयारी कर रही है. ग्रामीण इलाक़ों में डॉक्टरों की कमी के बाद ये विचार हो रहा है. हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से कुछ नहीं बताया गया है. फरवरी में स्वास्थ्य सेवा के डायरेक्टर जनरल अतुल गोयल ने एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी को भारत की OTC ड्रग नीति तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 15 अप्रैल को इस कमेटी की बैठक बुलाई गई थी. इसमें काउंटर पर बेची जा सकने वाली दवाओं की पहली लिस्ट सौंपी गई है. ये पहली बार है, जब इस तरह की नीति बनाए जाने की कोशिशि की जा रही हो. किसी दवा को OTC तब माना जाता है, जब इसका इस्तेमाल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना कर लिया जाए.

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USA, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में इन दवाओं के बेचने, इस्तेमाल करने के लिए छूट है. इन देशों में OTC के लिए ज़रूरी नियम और दिशा निर्देश हैं. भारत में उन दवाओं के लिए कोई दिशानिर्देश या लिस्ट नहीं है, जो काउंटर पर बेची जाएं. सरकार इसे ही नियम के दायरे में लाकर ज़रूरी दवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने में की कोशिश कर रही है.

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