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किसान आंदोलन में बिगड़े हालात, विरोध के बीच एक प्रदर्शनकारी की मौत, 12 पुलिसकर्मी घायल

हालात बिगड़ने के बाद किसानों ने दिल्ली की तरफ बढ़ने का प्लान दो दिनों के लिए टाल दिया है.

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21 फ़रवरी 2024 (अपडेटेड: 21 फ़रवरी 2024, 08:12 PM IST)
one protestor killed as farmers try to move towards delhi
खनौरी बॉर्डर पर एक प्रदर्शनकारी की मौत हुई है (फोटो- PTI)
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पंजाब के किसान पिछले 9 दिनों से धरने (Farmers protest) पर बैठे हैं. पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर. केंद्र सरकार के साथ चौथे दौर की चर्चा विफल होने के बाद किसान 21 फरवरी को दिल्ली की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. किसान पंजाब-हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर और हरियाणा-पंजाब के दाता सिंह वाला-खनौरी बॉर्डर से दिल्ली पहुंचने की कोशिश में हैं. किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने बॉर्डर पर कई राउंड आंसू गैस छोड़े. रबर बुलेट्स दागे गए. इस दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई. हरियाणा पुलिस ने बताया है कि 12 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.

खनौरी बॉर्डर पर जिस प्रदर्शनकारी की मौत हुई, उनकी पहचान शुभकरण सिंह के रूप में हुई है. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार शुभकरण की उम्र 21-22 साल बताई जा रही है. वो बठिंडा का रहने वाला था. जानकारी के मुताबिक सीनियर मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि शख्स की मौत सिर पर चोट लगने से हुई है. उसे पाट्रान हॉस्पिटल लाया गया था.

हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि खनौरी सीमा पर प्रदर्शनकारियों द्वारा लाठियों, पत्थरों से किए गए हमले में लगभग 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. पुलिस ने कहा,

“दाता सिंह-खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों ने पराली में मिर्च पाउडर डालकर पुलिस को चारों तरफ से घेराव किया, पथराव के साथ लाठी, गंडासे का इस्तेमाल किया. पुलिस पर हुए हमले में लगभग 12 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील है.”

हालात बिगड़ने के बाद किसानों ने दिल्ली की तरफ बढ़ने का प्लान दो दिनों के लिए टाल दिया है. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि कल से दो दिन तक दिल्ली कूच स्थगित किया गया है. बाद में स्थिति स्पष्ट करेंगे कि हमारा आगे का आंदोलन क्या होगा. हालांकि इससे पहले पंढेर और डल्लेवाल ने दिल्ली कूच करने का एलान किया था. पंढेर ने मीडिया को बताया था,

“हमने किसी भी युवा को मोर्चे पर नहीं भेजा, बल्कि नेता खुद ही आगे गए. जिस तरह से पुलिस ने हम पर आंसू गैस छोड़े, ये सभी ने देखा. हमने कभी भी बात करने से मना नहीं किया, लेकिन इस माहौल में बातचीत संभव नहीं है.”

इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने फिर से किसानों को बातचीत का न्योता भेजा था. उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दे जैसे कि MSP की मांग, पराली का विषय, FIR पर बातचीत समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है.

इसको लेकर शंभू बॉर्डर पर किसानों ने मीटिंग भी की. केंद्र के प्रस्ताव पर विचार करने की बात कहते हुए किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया,

“हम जल्दी ही पुष्टि करेंगे. हम चर्चा के बाद बातचीत पर विचार करेंगे."

रिपोर्ट के मुताबिक, पटियाला रेंज के डीआईजी एचएस भुल्लर ने 21 फरवरी को कहा कि जब किसानों ने शंभू बॉर्डर से दिल्ली की ओर मार्च शुरू किया तो हरियाणा पुलिस ने बिना किसी उकसावे के 14 आंसू गैस के गोले दागे. भुल्लर ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने हरियाणा पुलिस के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है.

किसान शंभू बॉर्डर पर दीवारों को काटने वाली पोकलेन मशीनें लेकर पहुंचे हैं. लेकिन हरियाणा पुलिस को ये मशीनें जब्त करने का आदेश पहले ही दे दिया है.

वीडियो: शंभू बार्डर पर आंदोलन के बीच किसानों के लिए रोज खाना कैसे तैयार होता है?

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