'हमारा एजेंडा एक, NC-कांग्रेस के खिलाफ मत उतारिए उम्मीदवार', PDP को उमर अब्दुल्ला का जवाब
J&K Legislative Assembly Election 2024: दरअसल, 24 अगस्त को PDP मुखिया महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि अगर NC-कांग्रेस का गठबंधन उनकी पार्टी के एजेंडे को स्वीकार करता है, तो वो उनके लिए सभी सीटें छोड़ देंगी. इस पर अब उमर अब्दुल्ला का जवाब आया है.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव (Jammu-Kashmir Election) की तारीखों का एलान होते ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चली है. कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) पार्टियां गठबंधन में चुनाव लड़ने जा रही हैं. इस बीच NC के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविवार, 25 अगस्त को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) पर NC के घोषणा पत्र की नकल करने का आरोप लगाया. साथ ही, उन्होंने महबूबा मुफ्ती की PDP से NC-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ अपने प्रत्याशी नहीं उतारने को कहा.
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि PDP ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के सभी एजेंडे को अपने घोषणा पत्र में शामिल कर लिया है. अब PDP और NC के एजेंडे में ज्यादा अंतर नहीं है, तो PDP अपने उम्मीदवार न उतारे. दरअसल, 24 अगस्त को PDP मुखिया महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि अगर NC-कांग्रेस का गठबंधन उनकी पार्टी के एजेंडे को स्वीकार करता है, तो वो उनके लिए सभी सीटें छोड़ देंगी.
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हमारे घोषणा पत्र की सभी ने नकल की: उमर अब्दुल्लान्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक उमर अब्दुल्ला 25 अगस्त को गांदरबल जिले में NC कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा,
“NC ने विधानसभा चुनाव के लिए एक व्यापक घोषणा पत्र तैयार किया है, जिसे अन्य पार्टियों ने कॉपी किया है.”
उमर अब्दुल्ला ने PDP के घोषणा पत्र का जिक्र करते हुए कहा,
“हमने घोषणा पत्र में कुछ भी छोड़ा नहीं है. आज, सभी ने हमारे घोषणा पत्र की नकल कर ली है. उन्हें कुछ अंतर रखना चाहिए था. हमारी पार्टी ने सत्ता में आने पर 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था और उन्होंने (PDP ने) भी कहा कि वे 200 यूनिट बिजली मुफ्त देंगे. हमने कहा कि हम पहले साल में 1 लाख सरकारी नौकरियां देंगे, उन्होंने भी इसे अपने घोषणा पत्र में शामिल कर लिया. हमने सीमा पार (LoC) मार्गों को फिर से खोलने की बात की, ये उनके घोषणा पत्र में भी है. हमने बातचीत के दरवाजे खुले रखने की बात की और उन्होंने भी यही कहा.”
उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के ‘सीटें छोड़ने’ वाली बात पर कहा,
क्या विधानसभा चुनाव लड़ेंगे उमर अब्दुल्ला?"उन्होंने (महबूबा मुफ्ती ने) कहा कि अगर NC-कांग्रेस गठबंधन उनके एजेंडे को स्वीकार करता है, तो वो अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगी. आपने हमारे सभी एजेंडे को अपने घोषणा पत्र में शामिल कर लिया है. आपने पहले ही हमारे एजेंडे को स्वीकार कर लिया है और अब आपके एजेंडे और हमारे एजेंडे में ज्यादा अंतर नहीं है. तो उम्मीदवार मत उतारिए और आइए, हम जम्मू- कश्मीर के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण करें."
संबोधन के दौरान उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी पर भी बात की. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके भाषण से पहले, NC नेताओं ने उन्हें विधानसभा चुनाव में हिस्सा न लेने के अपने निर्णय पर फिर से विचार करने की अपील की. पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें गांदरबल से चुनाव लड़ने के लिए नारे लगाए, जो अब्दुल्ला परिवार का गढ़ रहा है. हालांकि, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वो नहीं जानते कि भविष्य में क्या होगा. उन्होंने कहा,
“ये विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद मेरी पहली चुनावी सभा है. ये दक्षिण कश्मीर में पहले चरण की वोटिंग वाले निर्वाचन क्षेत्रों में होनी चाहिए थी. ये एक संकेत हो सकता है. मैं किसी से जनादेश छीनने नहीं आया हूं और न ही देने आया हूं, ये निर्णय पार्टी और पार्टी अध्यक्ष पर निर्भर है, लेकिन मैं ये कहूंगा कि हम पार्टी कार्यकर्ताओं से परामर्श किए बिना कोई निर्णय नहीं लेंगे.”
इस दौरान, उमर अब्दुल्ला ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव के दौरान सतर्क रहने को कहा. उन्होंने कहा,
10 साल बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव"इन चुनावों में पैसा पानी की तरह बहाया जाएगा. कई एजेंसियां पैसे बांटेंगी, लेकिन आपको उन लोगों से सावधान रहना होगा, जो हमारे साथ होते हैं, लेकिन हमारे खिलाफ काम करते हैं."
जम्मू-कश्मीर में पिछले 6 सालों से कोई चुनी हुई सरकार नहीं है. परिसीमन के बाद अब जम्मू-कश्मीर में 7 सीटें बढ़ गई हैं. यानी अब 90 सीटों पर चुनाव होंगे. पहले, 87 सीटों पर वोटिंग होती थी, लेकिन इनमें लद्दाख की 4 सीटें थीं. लद्दाख अब अलग केंद्रशासित प्रदेश है.
जम्मू-कश्मीर में आखिरी विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे. किसी दल को बहुमत नहीं मिला था. PDP को 28 सीटें मिली थीं. BJP को 25 सीटें, सारी जम्मू संभाग में. नेशनल कॉन्फ्रेंस 15 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर थी. जबकि कांग्रेस 12 सीटों के साथ चौथे स्थान पर रही. चुनाव के बाद PDP और BJP ने गठबंधन के तहत सरकार बनाई, जो 2018 में गिर गई थी.
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