उमर अब्दुल्ला ने जो वीडियो पोस्ट किया है उसे देखकर भाजपा-पीडीपी दोनों को मिर्ची लग जाएगी
न जाने कहां से खोजकर लाए हैं ये नगीना.
Advertisement

हाल ही में जम्मू कश्मीर में पत्रकार शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसके बाद से वहां पर हालात काफी तनापूर्ण हो गए हैं.
Quick AI Highlights
Click here to view more
जम्मू कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी का गठबंधन टूट गया. भारतीय जनता पार्टी ने इस गठबंधन से अपने हाथ बाहर खींच लिए हैं. उनका मानना है कि आतंकवाद के मसले पर वो कोई रहम नहीं दिखाएंगे. फिलहाल वहां राज्यपाल शासन लगा हुआ है. ये कब तक चलेगा कुछ नहीं पता. लेकिन मार्केट में जो एक दूसरे की मौज लेने की परंपरा है, वो अभी भी बनी हुई है. अपनी-अपनी समझ के हिसाब से सब सोशल मीडिया पर इस फैसले को सराहने और नकारने में लगे हुए हैं. ऐसे में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सबसे कमाल की बात की है. बात नहीं की है ट्वीट किया है.
उमर ने बॉलीवुड फिल्म का एक सीन पोस्ट किया. यहां देखिए उनका वो ट्वीट:
ये भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर में इन वजहों से खत्म हुआ BJP-PDP गठबंधन कश्मीर: जो लड़ाके कभी भारत के लिए आतंकवादियों से लड़े, हमने उनको दगा दिया क्यों एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो रहे हैं जम्मू और कश्मीर? 4 लाख कश्मीरी पंडितों की वो कहानी जिसे सुनाने वाले का मुंह सिल जाता है
वीडियो देखें: क्या कश्मीर में तिरंगे पर रखकर गाय काटी गई?
इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा -The PDP & BJP have been watching Bollywood movies for political strategy. This is how they have crafted their “divorce”. Brilliant fixed match, scripted to perfection except the audience aren’t fools & neither are the rest of us 😀 pic.twitter.com/82854aFHWM
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) June 20, 2018
"राजनीतिक नीतियां बनाने के लिए बीजेपी और पीडीपी आज कल बॉलीवुड फिल्में देख रही हैं. उन्होंने ठीक इस तरह से अपना 'तलाक' करने का प्लान बनाया है. शानदार तरीके से फिक्स किया गया मैच, बिलकुल परफेक्ट स्क्रिप्ट. लेकिन न तो अब जनता बेवकूफ है, ना ही हम लोग."उमर का ट्वीट किया वो सीन 1977 में रिलीज़ हुई फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' का है. ये भारत की बेस्ट पोलिटिकल फिल्मों में से एक थी. जो अपने रिलीज़ के समय में काफी विवादों में रही थी. इस फिल्म की कहानी गंगू नाम के आदमी की है, जो जनता को मूर्ख बनाकर राष्ट्रपति बन जाता है. मनोहर सिंह, शबाना आज़मी, सुरेखा सिकरी, राज बब्बर ने इस फिल्म में मुख्य किरदार निभाए थे. अप्रैल, 1975 को उन्होंने सेंसर बोर्ड में इसे भेजा. वहां से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तक इसे भेजा गया. वहां से निर्माता को नोटिस भेजा गया और 51 आपत्तियां भीं. फिर इमरजेंसी लग गई और फिल्म बैन कर दी गई. ये फिल्म सीधी इंदिरा गांधी के ऊपर एक तंज था. इन्हीं चक्करों में संजय गांधी ने इस फिल्म के सारे प्रिंट मंगवाकर गुड़गांव की मारुति फैक्ट्री में जला दिए. इसमें फिल्म के निगेटिव भी शामिल थे. बाद में इस मामले की जांच के लिए एक टीम बैठी और इस क्राइम के लिए संजय गांधी को जेल की सजा सुनाई गई. बाद में ये फैसला पलट दिया गया.
ये भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर में इन वजहों से खत्म हुआ BJP-PDP गठबंधन कश्मीर: जो लड़ाके कभी भारत के लिए आतंकवादियों से लड़े, हमने उनको दगा दिया क्यों एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो रहे हैं जम्मू और कश्मीर? 4 लाख कश्मीरी पंडितों की वो कहानी जिसे सुनाने वाले का मुंह सिल जाता है
वीडियो देखें: क्या कश्मीर में तिरंगे पर रखकर गाय काटी गई?

