6 जनवरी की सुबह उठा और पहला काम फोन उठाने का किया. नोटिफिकेशन खोले व्हाट्सएप परमैसेज था. ओम पुरी नहीं रहे. भरोसा नहीं हुआ, लगा कि ये भी व्हाट्सएप पर आने वालाएक झूठ होगा, गूगल किया. तमाम न्यूज वेबसाइट्स कह रहीं थीं ये सच है. ये बहुत अचानकसे हुआ. आप इसके लिए तैयार नहीं होते. ऐसा लगा भी नहीं था, लेकिन खुद ओम पुरी कोमानो पता रहा हो. उन्होंने कह रखा था. होता क्या है कि किसी के जाने के बाद उससेजुड़ी हर चीज मायने रखने लगती है और असर डालती है. कई बार क्या होता है कि जो बातएकदम आम सी लगती है उसका मतलब या गंभीरता बाद में समझ आती है. मार्च 2015 में ओमपुरी ने बीबीसी के एक पत्रकार को इंटरव्यू दिया था. उसमें उन्होंने अपनी मौत कीबात कही थी, भविष्यवाणियों में भरोसा है नहीं, इसलिए इसे संयोग कहेंगे. उन्होंनेबीबीसी वालों से जो कहा था वो ये था. ''मृत्यु का भय नहीं होता, बीमारी का भय होताहै. जब हम देखते हैं कि लोग लाचार हो जाते हैं बीमारी की वजह से और दूसरों परनिर्भर हो जाते हैं. उससे डर लगता है. मृत्यु से डर नहीं लगता. मृत्यु का तो आपकोपता भी नहीं चलेगा. सोए-सोए चल देंगे. आपको पता चलेगा कि ओम पुरी का कल सुबह 7बजकर 22 मिनट पर निधन हो गया.'' ये कहकर वो हंस देते हैं. 2017 आता है. जनवरी की एकसुबह आपको पता लगता है ऐसा सच में हो गया. ओम पुरी के ताम किस्सों में एक ये आखिरीकिस्सा भी जुड़ जाता है.--------------------------------------------------------------------------------ओम पुरी की इस परफॉर्मेंस के बाद जलने लगे थे नसीरुद्दीन शाह'पुरी साहब' ने आशुतोष राणा को बताया लंबे डायलॉग्स याद करने का गूढ़ रहस्यपाकिस्तान पर 12 साल राज करने वाला हिंदुस्तानीमाफ़ी मांगकर शहीद की फैमिली का हिस्सा बन गए थे ओम पुरीओम पुरी को गाली देने वाले अपनी गाली चाट लेंगे, जब ये जानेंगेओम पुरी की मौत की वजह सिर्फ हार्ट अटैक नहीं थाओम पुरी ने इंडिया के इस लैजेंड एक्टर को जानलेवा हमले में बचाया था!'मुझे यकीन नहीं हो रहा, ओम पुरी दुनिया छोड़ कर चले गए'