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पत्नी, बेटी, बेटा...सबकी मौत हुई, मुआवजे में 10 लाख मिले, रोते हुए बिनोद ने क्या कहा?

डॉक्टर को दिखाने जा रहा था विनोद का परिवार, सबकी मौत हो गई.

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4 जून 2023 (अपडेटेड: 4 जून 2023, 06:06 PM IST)
Binod Das wife, son and daughter passes away in Odisha Train accident
बिनोद दास का पूरा परिवार इस हादसे में गुज़र गया (आजतक वीडियो/पीटीआई)
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ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना में 280 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोई नौकरी ढू़ंढ़ने की तलाश में घर छोड़ निकला था, तो कोई अपने परिवार से मिलने लौट रहा था. इस हादसे से आहत होने वालों में बिनोद दास का नाम भी शामिल है. बिनोद इस हादसे का हिस्सा नहीं थे. पर उन्होंने इस दुर्घटना में  अपना पूरा परिवार खो दिया.

48 साल के बिनोद बालासोर में ही रहते हैं. उनकी पत्नी झरना दास (42 साल), बेटी विष्णुप्रिया दास (24 साल) और बेटा संदीप दास (21 साल) तीनों इस हादसे का शिकार हुए. बिनोद का परिवार डॉक्टर के पास चेकअप करवाने कटक जा रहा था. पर वहां पहुंच नहीं सका. ट्रेन दुर्घटना में पूरा परिवार खत्म हो गया. दुर्घटना के बाद बिनोद को रेलवे से 50 हजार रुपये नकद और 9 लाख 50 हजार का चेक मिल चुका है. बिनोद को पैसे तो मिल गए लेकिन परिवार नहीं मिला. उन्होंने आजतक से जुड़े अनिर्बान सिंहा रॉय से बात करते हुए कहा,

“मेरी पत्नी, मेरे बेटे और बेटी की मौत हुई है. वो बालासोर से कटक जा रहे थे, डॉक्टर से चेकअप करवाने के लिए. मुझे इस हादसे की खबर अपने दामाद से मिली. ट्रेन का एक्सीडेंट हो गया. हमने बालासोर में, सोरो में, भद्रक में और गोपालपुर में, हर जगह बॉडी की तलाश की. कल दोपहर लगभग 12 बजे हमें मेरी पत्नी की बॉडी बहानगा स्कूल में मिली. मैं इन पैसों का क्या करूंगा. (रोते हुए) मेरा परिवार नहीं रहा. वो मुझे वापस नहीं मिलेंगे. मैं पूरी दुनिया को अपना चेहरा नहीं दिखा पाउंगा.”

इस ट्रेन हादसे से एक-के-बाद-एक कई दिल दहला देने वाली कहानियां सामने आई हैं. ऐसी ही एक कहानी ललित की है, जिन्होंने अपने भाई को तो बचा लिया, पर अपनी जान गंवा गए. उनकी कहानी आप यहां पढ़ सकते हैं.  

रेल मंत्री ने क्या कहा?

बता दें, ओडिशा रेल हादसे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की वजह से दुर्घटना हुई है. इसकी जांच चल रही है. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हादसे की वजह और कौन लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनकी पहचान कर ली गई है. लेकिन जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए. रेल मंत्री ने आगे ये भी बताया कि जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां चार रेलवे लाइन हैं. दो मेन लाइन हैं और दो लूप लाइन हैं. मेन लाइन को क्लियर करने का काम पूरा हो गया है. लूप लाइन पर अभी काम चल रहा है. जल्द ही पूरा मेन रूट चालू कर लिया जाएगा.

वीडियो: Odisha Train Accident में एक ग्रुप की कहानी, हादसे वाली ट्रेन में साथ में कर रहे थे सफर, फिर ये हुआ

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