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अविश्वास प्रस्ताव चर्चा: निशिकांत दुबे बोले- सोनिया का काम बेटे को सेट करना, दामाद को भेंट करना

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मोदी पर एक बड़ा आरोप लगा दिया, जिसके बाद लोकसभा में जोरदार हंगामा हुआ.

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no-confidence motion begins in Lok Sabha
बीजेपी की तरफ से निशिकांत दुबे सबसे पहले चर्चा में बोले | फाइल फोटो: PTI
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अभय शर्मा
8 अगस्त 2023 (Updated: 8 अगस्त 2023, 08:16 PM IST)
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में 8 अगस्त को चर्चा हुई. कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने इस प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत की. पहले कहा जा रहा था कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चर्चा की शुरुआत करेंगे, लेकिन कांग्रेस ने आखिरी समय में अविश्वास प्रस्ताव पर अपने स्पीकर्स के क्रम में परिवर्तन किया. और बताया कि राहुल गांधी नहीं, बल्कि गौरव गोगोई अविश्वास प्रस्ताव पर सबसे पहले चर्चा करेंगे. संसद में तीन दिनों तक 18 घंटे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी है. इसके बाद 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा का जवाब देंगे.

गोगोई पर अमित शाह को गुस्सा आ गया!

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चर्चा की शुरुआत में कहा,

‘हम लोग तो आपके (स्‍पीकर) चैंबर में होने वाली बात नहीं बताते... क्‍या हम बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां क्‍या-क्या बोलते हैं… हमने कभी कुछ बताया क्या’

इस पर सत्‍ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उठकर खड़े हो गए, और गोगोई को चुनौती देते हुए बोले कि वो बताएं कि क्या बातें हुई थीं. आज बताइए.

मोदी का मौनव्रत तोड़ना हमारा मकसद: गोगोई

चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा,

'यह अविश्वास प्रस्ताव हम मणिपुर के लिए लेकर आए हैं. मणिपुर का युवा इंसाफ मांगता है. मणिपुर की बेटी इंसाफ मांगती है. मणिपुर का किसान इंसाफ मांगता है. अगर मणिपुर प्रभावित हुआ है तो भारत प्रभावित हुआ है. हम सिर्फ मणिपुर की बात नहीं कर रहे हैं. बल्कि भारत की बात कर रहे हैं. हमारी अपेक्षा थी कि एक संदेश जाए कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश मणिपुर के साथ है, लेकिन अफसोस की बात है कि ऐसा नहीं हुआ. प्रधानमंत्री महोदय ने एक मौनव्रत लिया. ना लोकसभा में कुछ बोलेंगे ना राज्यसभा में कुछ बोलेंगे. इसलिए यह नौबत आन पड़ी है कि हम अविश्वास प्रस्ताव के द्वारा प्रधानमंत्री मोदीजी का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं.

मणिपुर पर बोलने में 80 दिन क्यों लगे?

गौरव गोगोई ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक मणिपुर क्यों नहीं गए. मोदी को मणिपुर पर कुछ बोलने के लिए 80 दिन क्यों लग गए? पीएम मोदी की तरफ से संवेदना का कोई शब्द या शांति की अपील क्यों नहीं की गई. मंत्री बोलें, कोई नहीं रोक रहा, लेकिन पीएम मोदी के शब्दों में जो वजन है, वह किसी मंत्री में नहीं है. गोगोई ने आगे कहा,

‘हमारा तीसरा सवाल है कि पीएम ने मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया. गुजरात में चुनाव से पहले दो बार मुख्यमंत्री बदल दिए. उत्तराखंड और त्रिपुरा में भी मुख्यमंत्री बदल दिए. लेकिन, मणिपुर के मुख्यमंत्री को विशेष आशीर्वाद क्यों?’

दो वर्गों में ऐसा बंटवारा कभी नहीं देखा: गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आगे कहा,

‘मणिपुर में बीजेपी का डबल इंजन फेल हो गया है. समाज के दो वर्गों के बीच ऐसा बंटवारा, इतना आक्रोश, इतना गुस्सा हमने पहले कभी नहीं देखा. प्रदेश में एक ऐसी लकीर खींच दी गई है कि पहाड़ पर एक वर्ग के लोग रहते हैं और वैली में दूसरे वर्ग के लोग.’

गौरव गोगोई ने अटलबिहारी वाजपेयी को कोट करते हुए सरकार को राजधर्म याद दिलाया और मणिपुर की दो महिलाओं के वायरल वीडियो का भी जिक्र किया.

PM को सिर्फ अपनी छवि से लगाव: गोगोई

गोगोई ने संसद में कहा कि प्रधानमंत्री को छवि से लगाव है. उन्हें ड्रग्स की समस्या या दूसरी समस्याओं से मतलब नहीं है. पीएम मोदी के मौन रहने का दूसरा कारण है कि गृह विभाग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विफल रहे हैं. पांच हजार से ज्यादा हथियार लोगों के हाथ में हैं. भीड़ थाने में घुसकर हथियार ले गई है, जिसमें इंसास, एके-47 के साथ ही 6 लाख गोलियां लोगों के बीच में हैं. गोगोई ने पूछा कि क्या ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा नहीं है? कहां हैं देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार? 

उनके मुताबिक ये गोलियां भारतीय सेना के जवानों, मणिपुर की पुलिस और निहत्थे लोगों पर चलाई जाएंगी. ये हथियार बस मणिपुर तक सीमित नहीं रहेंगे, भारत के अलग-अलग हिस्सों तक जाएंगे और अशांति फैलाएंगे. दुख की बात है कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार और असम राइफल्स पर निशाना साध रहे हैं. मुख्यमंत्री के घर के विधायक पूछ रहे हैं कि केंद्रीय बल क्या कर रहे हैं, ये हथियार कहां से आए?

आज ऐसी स्थिति बन गई है कि मणिपुर पुलिस केंद्रीय बल और केंद्रीय बल मणिपुर पुलिस पर उंगली उठा रहे हैं. गृह मंत्री बताएं कि 51 सदस्यों की पीस कमेटी बनाई, लेकिन इसकी बैठक कितनी बार हुई? यूकेएलएफ का चीफ लीगल बयान में ये कहता है कि बीजेपी ने उग्रपंथी संगठन का सहयोग लिया. ये है इनका राष्ट्रवाद, जो देश की अखंडता के साथ खिलवाड़ कर रहा है. पूर्वोत्तर में सभी बड़े-बड़े वादे विफल रहे हैं.

निशिकांत दुबे ने सोनिया गांधी पर क्या बोला?

कांग्रेस के गौरव गोगोई का संबोधन पूरा होने के बाद स्‍पीकर ने बीजेपी के निशिकांत दुबे को बोलने के लिए आमंत्रित किया. निशिकांत दुबे ने चुटकी लेते हुए कहा कि पहले सुन रहे थे कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए राहुल गांधी आएंगे, लेकिन वह नहीं आए. शायद देर से उठे होंगे. गौरव गोगई ने पहले चर्चा शुरू की अच्छी बात है.

निशिकांत दुबे ने आगे कहा,

‘गौरव गोगोई का कहना है कि हमें मणिपुर के बारे में नहीं पता होगा. सरकार में बैठे कई लोग मणिपुर नहीं गए होंगे. मैं मणिपुर के इतिहास का भुक्त भोगी हूं. मेरे मामा मणिपुर में अपना पैर गंवा चुके. वो सीआरपीएफ के डीआईजी हुआ करते थे. एनके तिवारी जब मणिपुर में आईजी बनकर गए तो आपकी (कांग्रेस) सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. कहा कि आप राष्ट्रवाद की बात करते हो. 83 के चुनाव में असम में कितने प्रतिशत लोगों ने वोट दिया था. कितने लोग मारे गए थे.’

इस दौरान दुबे ने कांग्रेस की पूर्व अध्‍यक्ष सोनिया गांधी पर चुटकी लेते हुए कहा,

'भारतीय नारी को क्‍या-क्‍या करना चाहिए, उसकी पूरी की पूरी पिक्‍चर सोनिया जी देती हैं. उनको दो काम करना है- बेटे को सेट करना है और दामाद को भेंट करना है!'

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि उस आदमी के खिलाफ ये लाया जा रहा है, जिसने लोगों को शौचालय दिया, पीने का पानी दिया. जब द्रौपदी का चीरणहरण हो रहा था, तब सभी मौन धारण किए हुए थे. जिस तरह न धृतराष्ट्र बचा, ना युधिष्ठिर बचे, उसी तरह कोई भी नहीं बचेगा. और बीजेपी 2024 में 400 सीटों के साथ फिर सत्ता में आएगी.

मनीष तिवारी ने केंद्र को ‘चीनी घुसपैठ’ पर घेरा

पंजाब के आनंदपुर साहिब से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने संसद में केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने अनुच्छेद 370 और भारत-चीन झड़पों का मुद्दा उठाया. कांग्रेस सांसद ने कहा कि 4  साल पहले जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म किया गया, लेकिन अब तक उस राज्य में चुनाव नहीं हुए हैं. 

उन्होंने कहा कि सरकार को ध्यान रखना चाहिए कि जब आप संविधान के ढांचे में बदलाव करते हैं, तो उसका असर कहां पड़ता है. उनकी टिप्पणी का सदन में NDA सांसदों ने विरोध किया और तर्क दिया कि इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में चर्चा चल रही है और इसे सदन में नहीं लाया जा सकता.

इस पर मनीष तिवारी ने जवाब दिया,

"क्या नेशनल हेराल्ड मामला अदालत में विचाराधीन नहीं है?"

चीन का जिक्र करते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि साल 2020 अप्रैल में नियंत्रण रेखा के पार भारत की सरहद में घुसपैठ हुई. कांग्रेस नेता ने कहा,

" घुसपैठ एक जगह पर नहीं हुई, घुसपैठ 8 जगह पर हुई. मैं सरकार से ये पूछना चाहता हूं कि आज 37 महीने हो गए, क्या सरकार इस घुसपैठ पर ये सुनिश्चित कर पाई है कि इसके पीछे चीन की राजनीतिक मंशा क्या है."

कांग्रेस सांसद ने पूछा कि चीन के साथ 18 राउंड की बातचीत का क्या हल निकला. 

वीडियो: दिल्ली सर्विस बिल के लोकसभा में पास होने पर केजरीवाल ने BJP का पुराना ट्वीट खोज निकाला!

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