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आज नीतीश सरकार का फ्लोर टेस्ट है, लेकिन BJP वाले स्पीकर हटने को रेडी ही नहीं हैं!

विधानसभा के मौजूदा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने अपना पद छोड़ने से इनकार कर दिया है.

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24 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 24 अगस्त 2022, 01:09 PM IST)
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(बाएं) नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव. (दाएं) स्पीकर विज्य कुमार सिन्हा. (फोटो- आजतक और ट्विटर से साभार हैं.)
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बिहार में बुधवार, 24 अगस्त यानी आज नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार को विधानसभा में बहुमत सिद्ध (floor test) करना है. हालांकि उससे पहले स्पीकर को लेकर नया बखेड़ा खड़ा होता दिख रहा है. यूं तो 164 विधायकों के समर्थन वाली नीतीश-तेजस्वी सरकार को फ्लोर टेस्ट पास करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, लेकिन JDU-RJD चाहती हैं कि विधानसभा के मौजूदा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा अपना पद छोड़ दें. वहीं सिन्हा ने इससे इनकार कर दिया है.

Bihar Floor Test से पहले Speaker पर नजर क्यों?

BJP के विजय कुमार सिन्हा को JDU-BJP के गठबंधन वाली सरकार बनने के बाद विधानसभा स्पीकर बनाया गया था. लेकिन इसी महीने नीतीश कुमार RJD से हाथ मिलाकर नई सरकार बना चुके हैं. आजतक से जुड़े सुजीत झा की रिपोर्ट के मुताबिक, अब JDU-RJD चाहती हैं कि विजय कुमार सिन्हा अपना स्पीकर का पद छोड़ दें. लेकिन BJP नेता उनकी ये इच्छा पूरी करने के इरादे में नहीं दिखते.

दी हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, महागठबंधन के कोई 55 विधायक सिन्हा को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं. हालांकि लगता नहीं कि इसका आज होने वाले फ्लोर टेस्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा. क्योंकि मंगलवार को जारी किए गए विधानसभा शेड्यूल के मुताबिक फ्लोर टेस्ट पहले होगा. उसके बाद स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. ऐसे में लगता यही है कि फ्लोर टेस्ट विजय कुमार सिन्हा के स्पीकर रहते ही करवाया जाए.

Bihar Assembly Schedule क्या कहता है?

14 अगस्त के लिए पहले से तय कार्यक्रम के तहत 11 बजे से बिहार विधानसभा की बैठक शुरू होगी. सबसे पहले अध्यक्ष असेंबली को संबोधित करेंगे. उसके बाद विधानसभा की समितियों के प्रतिवेदनों को सभा में रखा जाएंगा. फिर सीएम नीतीश कुमार दावा पेश करेंगे कि उनके पास सरकार चलाने के लिए पर्याप्त बहुमत है. वे सभा में प्रस्ताव रखेंगे कि विधानसभा वर्तमान राज्य मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करती है. और जब ये सब निपट जाएगा, उसके बाद माननीय विधानसभा अध्यक्ष को उनके पद से हटाने के लिए संबंधित प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसके पारित होने की काफी संभावना है.

दरअसल, JDU-RJD का आरोप है कि विजय कुमार सिन्हा असेंबली में पक्षपात करते हैं और तानाशाही दिखाते हैं. वहीं सिन्हा से इससे इनकार किया है. उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया. इसके साथ ही विजय कुमार सिन्हा ने साफ किया कि वो आसानी से पद नहीं छोड़ेंगे. मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में सिन्हा ने पहले तो JDU-RJD के विधायकों के अविश्वास प्रस्ताव पर सवाल खड़ा किया, इसे अवैधानिक बताया. फिर कहा कि इस प्रस्ताव के लिए संसदीय नियमों का पालन नहीं किया गया. उसके बाद सत्ताधारी दलों के आरोपों को फर्जी करार देते हुए कहा कि इन हालात में इस्तीफा देने से उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचेगी.

Speaker के खिलाफ Deputy Speaker के बिगड़े बोल

विजय कुमार सिन्हा की ये बात डेप्युटी स्पीकर महेश्वर हजारी को नागवार गुजरी, जो विधानसभा में JDU का प्रतिनिधित्व करते हैं. BJP से गठबंधन के समय उन्हें JDU के कोटे से ये पद दिया गया था. मंगलवार को जब हजारी को विजय कुमार सिन्हा के स्टैंड के बारे में पता चला तो वो भड़क गए और मौजूदा स्पीकर के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर बैठे. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक महेश्वर हजारी ने कहा,

“नैतिकता के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष को कुर्सी छोड़ देनी चाहिए. लेकिन अगर किसी को पागल कुत्ता काट ले तो हम उसका इलाज नहीं कर सकते.”

वहीं JDU के एक और नेता और नीतीश सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि ऐसी सिचुएशन में स्पीकर पद छोड़ देते हैं. बोले कि लोकसभा में भी ऐसा ही होता है. विजय चौधरी ने कहा कि मौजूदा स्पीकर पुराने गठबंधन के हैं, अब गठबंधन बदल गया है.

उधर BJP इस मुद्दे पर विजय कुमार सिन्हा के साथ खड़ी है. ये तो साफ नहीं है कि पार्टी ने फ्लोर टेस्ट को लेकर क्या रणनीति बनाई है, लेकिन 23 अगस्त को अपने विधायक और एमएलसी के साथ बैठक करने के बाद BJP ने कहा कि जब नई सरकार बहुमत में होने का दावा कर रही है तो फिर किसी से इस्तीफा देने को क्यों कहा जा रहा है.

बिहार विधानसभा का गणित?

चलते-चलते 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा का गणित भी जान जाते हैं. पहले ये बता दें कि JDU के विधायक मेवालाल चौधरी और BJP विधायक सुभाष सिंह के निधन के बाद विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 241 हो गई है. ऐसे में बहुमत का आंकड़ा भी 123 ना होकर, 121 हो गया है.

पार्टियों की बात करें तो इस समय नीतीश कुमार की JDU के पास 44 विधायक हैं. उनके साथ आई RJD के पास सबसे ज्यादा 79 विधायक हैं. संख्या के मामले में दूसरे नंबर पर है BJP. उसके 76 विधायक हैं. वहीं महागठबंधन में शामिल कांग्रेस के पास 19 एमएलए हैं. सीपीआई-एमएल के 12, सीपीआई के 4, HAM का एक और एक निर्दलीय विधायक भी महागठबंधन सरकार का समर्थन कर रहे हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को एक विधायक वाली AIMIM ने भी फ्लोर टेस्ट में महागठबंधन को समर्थन देने की बात कही है.

इस तरह नीतीश-तेजस्वी को 164 विधायकों का सपोर्ट हासिल है. ऐसे में उनका फ्लोर टेस्ट पास करना लगभग तय है.

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