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'मेरा पद गया तो गया' गलत तरीके से बयान वायरल कराने वालों को गडकरी ने तगड़ी वार्निंग दे डाली

बयान में छेड़छाड़ कर ये माहौल बनाने की कोशिश की गई कि संसदीय बोर्ड से हटाए जाने के बाद गडकरी BJP नेतृत्व से नाराज हैं.

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25 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 26 अगस्त 2022, 11:27 AM IST)
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नितिन गडकरी ने वीडियो शेयर करने वालों को दे दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी | फोटो: ट्विट्टर/स्क्रीनशॉट
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इन दिनों केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) का एक डॉक्टर्ड वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस छेड़छाड़ वाले वीडियो में वो कहते नजर आ रहे हैं,

'पद रहने या ना रहने से फर्क नहीं पड़ता, नहीं रहा तो फर्क नहीं पड़ता, मेरा गया तो गया पद, चिंता नहीं. मैं राजनीतिक पेशेवर नहीं. जो होगा सो देखा जाएगा. मैं तो सामान्य व्यक्ति हूं, अभी भी फुटपाथ पर खाने वाला, थर्ड क्लास में पिक्चर देखने वाला और नाटक पीछे से देखने वाले लोगों में बड़ा हुआ हूं. मुझे वह जीवन बहुत अच्छा लगता है. जेड प्लस सिक्योरिटी में अड़चन आती है, तो रात को सबको छोड़ने के बाद मैं निकल जाता हूं , फुटपाथ पर अकेले.'

बीते हफ्ते ही नितिन गडकरी को बीजेपी के संसदीय बोर्ड से हटाया गया है. उनकी जगह कुछ अन्य नेताओं को बोर्ड में जगह दी गई है. इसके बाद लगातार माहौल बनाया जा रहा है कि गडकरी पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं. इस डॉक्टर्ड बयान को भी इसी संदर्भ में पेश किया गया. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नितिन गडकरी के इस एडिटेड बयान को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा,

'आख़िर ऐसा क्यों बोले नितिन गडकरी जी? BJP में बहुत बड़ी गड़बड़ चल रही है.'

Nitin Gadkari ने खुद बताई video की सच्चाई

ये डॉक्टर्ड बयान जब वायरल हुआ, तो केंद्रीय मंत्री ने खुद इसके पीछे की सच्चाई लोगों को बताई. उन्होंने कहा कि उनके बयान को बीच से काटकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है. उन्होंने अपना पूरा वीडियो ट्विटर पर शेयर किया. जिससे पता चला कि गडकरी दो दशक से भी पुरानी घटना के बारे में बात कर रहे हैं. वो उस समय की बात बता रहे हैं, जब वो 1996 में शिवसेना-बीजेपी की मनोहर जोशी सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री थे.जिसका वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य से दूर-दूर तक लेना देना नहीं है. दरअसल, गडकरी ने महाराष्ट्र के अमरावती में कुपोषण से हजारों बच्चों की मौत की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना के बाद उस समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि तहसील के 400 गांवों में एक भी रोड नहीं है, जिसकी वजह से विकास कार्य उन इलाकों में नहीं पहुंच पाता है.

गडकरी आगे कहते हैं,

इन इलाकों में रोड बनाने में वन विभाग के कुछ नियम आड़े आ रहे थे और मुख्य वन संरक्षक ने जब कुछ कर पाने में विवशता जाहिर की, तो मैंने उनसे कहा कि सर ये तुम्हारे बस का काम नहीं है. ऐसे काम में मैं बहुत माहिर हूं. तुम एक काम करो, ये मेरे ऊपर छोड़ दो. मुझे ये चिंता नहीं है क्या परिणाम होगा. मैं बस ये काम करूंगा. आपको संभव हो, तो मेरे पीछे खड़े रहो. नहीं रहो तो फर्क नहीं पड़ता. मेरा गया तो गया पद, मुझे चिंता नहीं.

Nitin Gadkari ने दी चेतावनी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपना पूरा भाषण शेयर करते हुए ट्विटर कर उन लोगों को चेतावनी भी दी है, जिन्होंने उनका बयान काटकर गलत नीयत से वायरल किया. उन्होंने एक के बाद एक अपने कई ट्वीट में लिखा,

'राजनीतिक लाभ के लिए आज एक बार फिर मेरे खिलाफ नापाक और मनगढ़ंत अभियान के तहत कुछ मेनस्ट्रीम मीडिया, सोशल मीडिया और कुछ व्यक्तियों की ओर से एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए मेरे बयानों को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. हालांकि, मैं फ्रिंज एलिमेंट्स के ऐसे दुर्भावनापूर्ण एजेंडे से कभी परेशान नहीं होता, लेकिन मैं यहां सभी संबंधित लोगों को चेतावनी देते हूं कि यदि ऐसी शरारत जारी रही तो मैं अपनी सरकार, पार्टी और हमारे लाखों मेहनती कार्यकर्ताओं के व्यापक हित में उन्हें कानून के दायरे में ले जाने से पीछे नहीं हटूंगा.'

आपको बता दें कि नितिन गडकरी ने ये चेतावनी देते हुए किसी का नाम नहीं लिया है.

वीडियो देखें : रेवड़ी कल्चर पर चल रही बहस के बीच जानें रेवड़ी बनती कैसे है?

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