NIA ने अपने SP को किया सस्पेंड, इस मामले में पैसे लेने का आरोप लगा
NIA के SP विशाल गर्ग पर आतंकी हाफिज सईद से जुड़े एक मामले में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अपने एक पुलिस अधीक्षक (SP) के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. एसपी विशाल गर्ग को भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है (NIA SP Vishal garg suspend). बताया जाता है कि गृह मंत्रालय के आदेश पर विशाल गर्ग के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है. विशाल गर्ग पर NIA के मणिपुर से जुड़े एक मामले में पैसे लेने का आरोप लगा है. NIA ने कार्रवाई करते हुए विशाल के ऑफिस को सील कर दिया है. और इस मामले में एक जांच टीम का गठन किया है.
हाफिज सईद मामले में लगे थे आरोपआजतक से जुड़े जितेंद्र बहादुर सिंह की एक रिपोर्ट के मुताबिक विशाल गर्ग पर 3 साल पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. ये मामला मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के एनजीओ - फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन - से जुड़ा हुआ था. NIA को जानकारी मिली थी कि फलाह-ए-इंसानियत से भारत में कई मदरसों में फंडिंग हुई थी. इस मामले में एनआईए ने जुलाई 2018 में मामला दर्ज किया. और जांच विशाल गर्ग को सौंपी गई.
करीब एक साल बाद इस केस में विशाल गर्ग पर दिल्ली के एक व्यापारी से 2 करोड़ रुपये लेने के आरोप लगे. तब दिल्ली के एक कारोबारी ने विशाल गर्ग सहित एनआईए के 3 अधिकारियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए थे. उसका कहना था कि इन अधिकारियों ने फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन से जुड़े मामले में उसका नाम नहीं लेने के लिए 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी है.
इन आरोपों के चलते एसपी विशाल गर्ग को एक साल तक निलंबित रखा गया. NIA की जांच हुई और विशाल गर्ग सहित 2 लोगों को क्लीन चिट मिल गई. इसके बाद गर्ग को NIA के मुख्यालय में एसपी ट्रेनर के रूप में बहाल किया गया.
समझौता ब्लास्ट मामले की जांच कीएसपी विशाल गर्ग 2007 के समझौता और अजमेर ब्लास्ट के मामले की जांच टीम में रह चुके हैं. 26/11 हमले के बाद बनी NIA में बीएसएफ से डेपुटेशन पर आए विशाल गर्ग को एजेंसी में स्थाई रूप से शामिल कर लिया गया था.
वीडियो: मुकेश अम्बानी को मिली धमकी के मामले में एनआईए ने क्या नया खुलासा किया?

