नेहरू की तारीफ़ करते करते ये क्या कह गए केरल कांग्रेस अध्यक्ष सुधाकरन!
केरल कांग्रेस अध्यक्ष के सुधाकरन अपने बयानों के कारण पहले भी कई बार विवादों में घिर चुके हैं.

केरल कांग्रेस के अध्यक्ष के सुधाकरन ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू 'सांप्रदायिक फासीवादियों' से भी समझौता करने को तैयार थे. क्योंकि उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को आजाद भारत की पहली कैबिनेट में मंत्री बनाया था. सुधाकरन कन्नूर से लोकसभा सांसद भी हैं. उन्होंने ये बयान जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर ही दिया है. कन्नूर में नेहरू की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में वो बोल रहे थे.
‘लोकतंत्र के लिए समझौता’नेहरू को लेकर कांग्रेस नेता का ये बयान तब आया है, जब पूर्व प्रधानमंत्री अपने निधन के दशकों बाद आज भी निशाने पर रहते हैं. कांग्रेस के कार्यक्रम में सुधाकरन ने पहले नेहरू की लोकतांत्रिक छवि की तारीफ की. फिर उसी तारीफ में उन्होंने ये बयान भी दे दिया. सुधाकरन ने कहा,
श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की आजादी के बाद 1947 से 1950 तक सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्री थे. आजादी के बाद ये नेहरू के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार थी. बाद में मुखर्जी ने कई मुद्दों पर मतभेद होने के कारण मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनसंघ का गठन किया. यही जनसंघ बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) बन गया.
'वामपंथी को बनाया विपक्ष का नेता'वापस के सुधाकरन के बयान पर आते हैं. उन्होंने कहा कि नेहरू के कार्यकाल के दौरान संसद में कोई विपक्ष नहीं था. विपक्षी दलों के पास पर्याप्त संख्या नहीं थी. सुधाकरन ने कहा,
इससे पहले अपने बयान के कारण सुधाकरन विवाद में घिरे थे. बीते 9 नवंबर को सुधाकरन ने कहा था कि उन्होंने CPI(M) के हमले से RSS की शाखाओं को बचाया था. कन्नूर में ही एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि जब वो कांग्रेस (ओ) कार्यकर्ता थे तो RSS शाखाओं को CPI(M) के हमले से बचाने के लिए अपने आदमी भेजे थे. सुधाकरन ने कहा था कि एक लोकतांत्रिक देश में दक्षिणपंथी संगठनों को भी काम करने का पूरा अधिकार है.
वीडियो: जवाहरलाल नेहरू की जिंदगी के कुछ दिलचस्प किस्से

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