'मसान' बनाने वालों का एक ज़िन्दगी से भरा काम
नेशनल अवार्ड विनर 'मसान' के निर्देशक नीरज घेवान अौर 'मोह मोह के धागे' लिखनेवाले वरुण ग्रोवर ने अपनी प्राइज़ मनी महाराष्ट्र के किसानों के लिए डोनेट की.

कल सिनेमा का दिन था. भारत की पहली फिल्म के पहले फिल्म शो की एनिवर्सिरी. कल की इस खास तारीख को दिल्ली में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले. राष्ट्रपति ने पिछले साल सिनेमा की दुनिया में सबसे शानदार काम करनेवाले चुनिंदा व्यक्तियों को सम्मानित किया. इनमें दो युवा लड़कों के नाम शामिल थे. नीरज घेवान अौर वरुण ग्रोवर. इन दोनों ने मिलकर पिछले साल की सबसे शानदार हिन्दी फिल्म बनाई है. नाम है 'मसान'. वरुण इसके लेखक हैं अौर नीरज घेवान निर्देशक. यह फिल्म दुनिया के सबसे बड़े सिनेमा मेले 'कान फिल्म फेस्टिवल' के विशेष खंड 'अन सर्टेन रिगार्ड' में चुनी गई अौर दोहरे पुरस्कारों की विजेता बनी. जब भारत में रिलीज हुई तो दर्शकों का प्यार अौर खूब आलोचकीय तारीफें बटोरीं.
वरुण ग्रोवर गीतकार भी हैं, स्टैन्ड-अप कॉमिक भी, अौर कमाल के लेखक भी. 'गैंग्स अॉफ वासेपुर' में उनके लिखे 'जिया हो बिहार के लाला' अौर 'वुमनिया' जैसे गीत घर चौबारे हर जगह गूंजे. पिछले साल वरुण ने शरत कटारिया की फिल्म 'दम लगा के हइशा' के लिए साल का सबसे प्यारा गीत लिखा, 'मोह मोह के धागे'. इसने पहले इंडस्ट्री के स्क्रीन, ज़ी सिने अौर गिल्ड अवार्ड जीते अौर फिर बेस्ट लिरिसिस्ट के लिए नेशनल अवार्ड जीता.
आज सुबह नीरज घेवान अौर वरुण ग्रोवर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अनाउंस किया है कि वो नेशनल फिल्म अवार्ड में साथ मिली पुरस्कार राशि महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए किसानों की मदद के लिए डोनेट कर रहे हैं.
https://twitter.com/ghaywan/status/727725649402679296 https://twitter.com/varungrover/status/727725655757049856 [facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/ghaywan/posts/10156783088605461"]नीरज ने अपनी फेसबुक पर लिखा, 'नेशनल अवार्ड मिलने पर आपने जो प्यार दिया उसका शुक्रिया. मैंने अौर वरुण ग्रोवर ने तय किया है कि हम नेशनल अवार्ड प्राइज़ मनी महाराष्ट्र में परेशानहाल किसानों की मदद के लिए डोनेट करेंगे. मैं कुल 1.25 लाख रुपए में से 50, 000 दे रहा हूं अौर वरुण भी इतना ही पैसा देंगे. दोनों मिलकर एक लाख रुपए सहायता में देंगे.
सच है कि यह बहुत ही छोटी रकम है अौर कोई मदद नहीं, लेकिन मेरी इसे पब्लिक करने की वजह यही कोशिश है कि इस बहाने हमारा ध्यान महाराष्ट्र की मौजूदा कृषि समस्या अौर गंभीर पानी के संकट की अोर जाए. शायद इससे अौर लोग भी मदद का हाथ बढ़ाएं अौर प्रेरित हों, या कम से कम इस बहाने संकट को जानें.'
नीरज ने कुछ दिन पहले भी अपनी फेसबुक पर नांदेड़ अौर लातूर के किसानों की बुरी स्थिति के बारे में लिखा था. ये किसान अपने इलाकों को छोड़कर मुम्बई के घाटकोपर में शरण लिए हैं अौर बहुत परेशानी वाला जीवन जी रहे हैं. उनकी पिछली फेसबुक पोस्ट यहां पढ़ें.
नीरज अौर वरुण, तुम्हारा ये काम तुम्हारी फिल्म की तरह ही शानदार है.

