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गुजरात में हिरासत में हुई सबसे अधिक मौतें, यूपी और बिहार से भी ज्यादा!

9 लोगों ने आत्महत्या भी कर ली, NCRB के आंकड़ों ने किस राज्य को क्या कहा?

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30 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 30 अगस्त 2022, 08:01 PM IST)
ncrb report 2021 custodial death
प्रतीकात्मक तस्वीर. (इंडिया टुडे)
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पुलिस हिरासत में मौत (Custodial Death) के मामले में गुजरात सबसे आगे है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने 2021 की रिपोर्ट (National Crime Records Bureau- NCRB Report 2021) जारी कर दी है. इसमें बताया गया है कि पुलिस हिरासत में मौत होने के मामले में गुजरात देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आगे है.

NCRB Report: Custodial Death में गुजरात पहले नंबर पर

NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में देशभर में कस्टोडियल डेथ के कुल 88 मामले दर्ज किए गए. इससे पहले 2020 में ऐसे 76 मामले देशभर में दर्ज किए गए थे. रिपोर्ट कहती है कि गुजरात में होने वाली कस्टोडियल डेथ्स में एक साल में 53 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है. 2020 में राज्य में ऐसे 15 केस सामने आए थे, जो 2021 में बढ़कर 23 हो गए. 

इसके बाद दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र का नाम है. यहां 2021 में 21 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हो गई.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में हुई 23 कस्टोडियल डेथ्स में से 22 ऐसी हैं, जिनमें पीड़ितों की मौत उस समय हुई जब वे रिमांड पर नहीं थे. एक व्यक्ति की मौत पुलिस कस्टडी में हुई. नौ लोगों की मौत के लिए वजह आत्महत्या दी गई. नौ अन्य लोगों की मौत के लिए कहा गया कि वे बीमारी के चलते मारे गए. दो मामलों में पुलिस पर आरोप लगा कि उसने मृतकों पर हमला कर उन्हें घायल किया था और एक कथित रूप से कस्टडी से फरार होने की कोशिश में मारा गया.

अखबार के मुताबिक 2021 में कस्टोडियल डेथ के आरोप में गुजरात के 12 पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए. इससे पहले 2020 में ऐसे किसी मामले में राज्य का कोई भी पुलिसवाला गिरफ्तार नहीं हुआ था. हालांकि उस साल पुलिस कस्टडी में पुलिसकर्मियों के हमले में किसी कैदी के घायल होने के बाद मरने का मामला सामने नहीं आया था.

यूपी-बिहार के आंकड़े हैरान करने वाले

गुजरात और महाराष्ट्र के बाद कस्टोडियल डेथ्स के मामले में किसी भी राज्य का आंकड़ा दहाई भी नहीं है. यहां तक कि यूपी-बिहार में भी इस तरह के मामले तुलनात्मक रूप से काफी कम हैं. NCRB के मुताबिक 2021 में यूपी में कस्टोडियल डेथ के केवल चार मामले दर्ज हुए. इनमें से दो में पीड़ित की मौत आत्महत्या के कारण हुई, जबकि एक व्यक्ति बीमारी से मारा गया और एक की मौत अन्य कारणों से हुई.

वहीं बिहार में कस्टोडियल डेथ का केवल एक मामला दर्ज हुआ. NCRB के मुताबिक इस व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली थी.

राज्यमौतें
मध्य प्रदेश7
आंध्र प्रदेश6
हरियाणा5
राजस्थान4
तमिलनाडु4
असम3
कर्नाटक2
पंजाब2
हिमाचल प्रदेश1
झारखंड1
मेघालय1
त्रिपुरा1
तेलंगाना1
पश्चिम बंगाल1

कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां 2021 में कस्टोडियल डेथ का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ. इनमें अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, केरल, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम और उत्तराखंड शामिल हैं. इसके अलावा देश के सभी केंद्रशासित प्रदेशों में भी कस्टोडियल डेथ का कोई केस नहीं देखने को मिला है.

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