"मैं अभी CM बनने के लिए तैयार हूं", BJP के साथ जाने की 'खबरों' के बीच अजीत पवार का बयान
अजीत पवार ने पीएम मोदी की भी तारीफ कर दी है.

बीते कुछ दिनों से NCP नेता अजीत पवार (Ajit Pawar) के राजनीतिक भविष्य को लेकर खूब अटकलें चल रही हैं. खबरें आने लगी कि अजीत पवार बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. हालांकि पवार ने इन अटकलों को खारिज कर दिया था. अब एक इंटरव्यू के दौरान अजीत पवार ने कहा है कि 2024 क्यों, वे अभी मुख्यमंत्री बनने को तैयार हैं. पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ कर दी और कहा कि उनके 'करिश्मे' को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. अजीत पवार फिलहाल महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं.
अजीत पवार ने हाल में मराठी अखबार सकाल को इंटरव्यू दिया. उनसे पूछा गया कि अगले विधानसभा चुनाव के बाद क्या वे सीएम पद के लिए दावा करेंगे. इस पर अजीत पवार ने जवाब दिया,
पवार ने आगे कहा कि 2004 में NCP के पास अपना पहला मुख्यमंत्री बनाने का मौका था. पार्टी के पास नंबर थे. अजीत पवार ने कहा,
अजीत पवार ने इंटरव्यू में अपनी पार्टी के स्टैंड पर ही सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने महा विकास अघाडी (MVA) गठबंधन को लेकर कहा,
पवार ने BJP के साथ जाने के आरोपों को खारिज कर दिया. आरोप लग रहे थे कि पवार एक बार फिर BJP की सरकार में शामिल होने के लिए पार्टी में समर्थन जुटा रहे हैं. इसके लिए पार्टी के भीतर विधायकों का एक 'प्रेशर ग्रुप' है. इस पर पवार ने जवाब दिया कि NCP में ऐसा कोई प्रेशर ग्रुप नहीं है और इस झूठ को फैलाने की जरूरत नहीं है.
पीएम मोदी ने देश का भरोसा जीता- पवारइंटरव्यू में पवार ने ये भी प्रधानमंत्री मोदी की भी तारीफ कर दी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के करिश्मे के कारण ही बीजेपी 2014 और 2019 में सत्ता में आई. पवार के मुताबिक, पीएम मोदी ने देश का भरोसा जीता है, अपने भाषणों के जरिये उन्होंने लोगों को प्रभावित किया है.
अजीत पवार ने ये इंटरव्यू तब दिया, जब 21 अप्रैल को वे एनसीपी की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए थे. अटकलें लगने लगी कि अजीत पवार पार्टी के सीनियर नेताओं से नाराज चल रहे हैं. लेकिन बैठक में नहीं जाने पर पवार ने सफाई दी कि उनका पहले ही दूसरे कार्यक्रम में जाने का प्लान था.
डिप्टी सीएम बनने से लेकर इस्तीफे तकइससे पहले साल 2019 में अजीत पवार ने पार्टी से अलग लाइन ले ली थी. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना, NCP और कांग्रेस गठबंधन बनाकर सरकार गठन की कोशिश में थे. लेकिन उससे पहले ही देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. सबको सरप्राइज देते हुए 23 नवंबर 2019 की उस सुबह फडणवीस के साथ अजीत पवार डिप्टी सीएम पद की शपथ ले रहे थे. अजीत पवार ने अपने साथ कई NCP विधायकों के साथ होने का दावा किया था. लेकिन यह "सरप्राइज सरकार" सिर्फ 80 घंटे ही चल पाई थी, क्योंकि शरद पवार उन्हें वापस पार्टी के पक्ष में लाने में कामयाब रहे थे. बाद में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था.
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