कूनो में एक और चीते की मौत, वजह पता नहीं चली है
कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीते 'शौर्य' को 16 जनवरी की सुबह लड़खड़ाते देखा गया था. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई है. नामीबियाई चीते 'शौर्य' को मॉनिटरिंग टीम ने 16 जनवरी की सुबह लड़खड़ाते देखा था. उसका इलाज किया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका. शौर्य उन 8 चीतों में से एक था, जिसे साल 2022 में नामीबिया से कूनो लाया गया था.
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CPR दिया गया, लेकिन जान नहीं बचीइंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक लायन प्रोजेक्ट के डायरेक्टर और मुख्य वन संरक्षक की ओर से जारी बयान में बताया गया है,
"16 जनवरी को सुबह 11 बजे के आसपास, ट्रैकिंग टीम ने चीते को लड़खड़ाते देखा. उसे तुरंत ट्रैंकुलाइज किया गया. इलाज के दौरान उसे कमजोर पाया गया."
जानकारी के मुताबिक उसे CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) दिया गया. इसके बाद कुछ देर के लिए चीता होश में भी आया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका. इलाज के दौरान शौर्य चीते की मौत हो गई. चीते की मौत की वजह अभी साफ नहीं है. पोस्टमॉर्टम के बाद असल वजह सामने आएगी.
कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीते लाए गए थे. साल 2022 में नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे और साल 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे. इनमें से 7 चीतों की मौत हो चुकी है. इनके अलावा भारत में पैदा हुए 3 शावक भी मर चुके हैं.
पिछले साल से 10 चीतों की मौत हो चुकी हैकूनो नेशनल पार्क में 16 जनवरी को ‘शौर्य’ चीते की मौत पिछले साल मार्च से 10वें चीते की मौत है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक 26 मार्च 2023 को मादा चीता ‘साशा’ की किडनी इंफेक्शन से मौत हो गई थी. फिर 23 अप्रैल 2023 को नर चीता ‘उदय’ की दिल के दौरे से मौत हो गई. 9 मई 2023 को मादा चीता ‘दक्षा’ की मौत हो गई. 23 मई 2023 को ‘ज्वाला’ के एक शावक की मौत, तो 25 मई 2023 को ज्वाला के दो और शावकों की मौत हुई. इसके बाद 11 जुलाई 2023 को दो नर चीते ‘तेजस’ और ‘सूरज’ आपसी संघर्ष में घायल हो गए, जिनमें से ‘तेजस’ की उसी दिन मौत हो गई. 14 जुलाई 2023 को नर चीता ‘सूरज’ ने भी दम तोड़ दिया. फिर 2 अगस्त 2023 को मादा चीता ‘धात्री’ की मौत हो गई.
अब कूनो पार्क में कुल 13 वयस्क और 4 शावक मौजूद हैं.
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