The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Nagaland 13 civilian killings, ministry of defence denies sanction to prosecute 30 Army men

सेना की फायरिंग में 13 लोगों की हुई थी मौत, सरकार ने कहा- जवानों पर नहीं चलेगा मुकदमा

मजदूर काम से लौट रहे थे, तभी गोलियां मार दी थीं

Advertisement
pic
14 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 14 अप्रैल 2023, 10:16 AM IST)
nagaland killings december 2021
ये हमला दिसंबर 2021 में हुआ था | फाइल फोटो: आजतक
Quick AI Highlights
Click here to view more

नागालैंड (Nagaland) के मोन (Mon) जिले में 13 आम नागरिकों की हत्या के मामले में आरोपी जवानों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी. ऐसा देश के रक्षा मंत्रालय ने कहा है. इस मामले में नागालैंड पुलिस की SIT टीम ने अपनी चार्जशीट में 30 सैन्य कमांडों को सीधे आरोपी बनाया था. इसमें एक सैन्य अधिकारी और 29 कमांडों शामिल थे. जांच रिपोर्ट में इनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कहा गया था. लेकिन, अब इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने मुकदमा चलाने से इनकार कर दिया है. नागालैंड पुलिस ने मोन सेशन कोर्ट को ये जानकारी दी है.

नागालैंड पुलिस के बयान में कहा गया है कि आईपीसी की धारा 197 (2) और आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट (AFSPA) की धारा 6 के तहत जवानों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए रक्षा मंत्राल की मंजूरी जरूरी है. इसके बाद ही आरोपी जवानों के खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है. मंजूरी मांगी गई तो रक्षा मंत्रालय ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया.

13 लोगों को मार दिया था?

ये घटना 4 दिसंबर, 2021 की है. नागालैंड के मोन जिले की. यहां पर तिरु और ओटिंग गांव के कुछ लोग खदानों में काम करने गए थे. अमूमन शाम तक ये लोग काम से वापस लौट आते थे. उस दिन शाम तक काम करने गए छह युवक कोयला खदान से वापस नहीं लौटे तो गांव के वॉलंटियर्स और उनके परिजन उन्हें खोजने निकले. तभी उन्होंने देखा कि ओटिंग में ही एक पिकअप वैन में छह युवकों के शव लथपथ पड़े हैं.

इन शवों को देखकर स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर चला गया. पहले तो इन्हें समझ में ही नहीं आया कि हुआ क्या है. बाद में इन्हें पता चला कि यहां पर सुरक्षा बलों ने फायरिंग की थी. ये घटना आग की तरह चारों ओर फैल हो गई. इसके बाद वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए. देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई. गुस्से में इन लोगों ने सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आग लगा दी. सुरक्षा बलों ने भीड़ को समझाने की कोशिश की लेकिन उग्र भीड़ शांत नहीं हो रही थी. इस दौरान दोबारा फायरिंग हुई, जिसमें सात नागरिकों और एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई.

SIT ने सेना के 30 जवानों को आरोपी बनाया था

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सेना के जवानों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इसके अलावा, नागालैंड पुलिस ने घटना की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई थी, जिसने जांच के बाद 30 सैन्य कर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी.

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने कहा था कि घटना वाली रात सैनिकों ने एसओपी का पालन नहीं किया था और उनकी अंधाधुंध गोलीबारी में नागरिकों की जान चली गई. इसके बाद नागालैंड सरकार ने चार्जशीट में नामित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी थी.

वीडियो: नागालैंड में एक्सल शीट बनाकर अवैध वसूली होती है!

Advertisement

Advertisement

()