जब रेप का आरोप लगा तो 30 साल का था, बरी होते-होते 70 का हो गया
साल 1986 से फरार चल रहे आरोपी को मई 2024 में यूपी से गिरफ्तार कर लिया गया था.

मुंबई की एक अदालत ने रेप के एक 40 साल पुराने मामले में 70 साल के आरोपी को बरी कर दिया है. उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था. साल 1986 से फरार चल रहे आरोपी को मई 2024 में यूपी से गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद चार सुनवाई में मुंबई के एक सेशन कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया.
आरोपी ने खुद को निर्दोष बतायाइंडिया टुडे की पत्रकार विद्या की एक रिपोर्ट के अनुसार, मामला साल 1984 का है जब एक दिन 15 साल की किशोरी बाथरूम जाने की बात करके घर छोड़कर चली गई. उसकी मां ने बहुत खोजा लेकिन उसका पता नहीं चल सका. इसके बाद उन्होंने डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में एक अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया. जांच के दौरान पीड़ित पक्ष ने लड़की की गुमशुदगी के साथ रेप का भी आरोप लगाया. इसके बाद केस में रेप की धारा जोड़ी गई.
मामला कोर्ट में पहुंचा जहां आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया. वहीं उसे गुनहगार साबित करने के लिए पीड़ित पक्ष ने कई सबूतों और गवाहों का हवाला दिया. महिला एक उर्दू मीडियम स्कूल में पढ़ती थी.
हालांकि, महिला के एक रिश्तेदार ने कोर्ट में दावा किया कि पीड़ित किशोरी और आरोपी के बीच संबंध थे. कथित तौर पर दोनों ने बाद में शादी की थी और उनके चार बच्चे भी थे. आरोपी महिला के परिवार का जान-पहचान वाला था. वो उसी मोहल्ले में रहता था जहां महिला का घर था. घटना को करीब 40 साल गुज़र गए. इस दौरान महिला और उसकी मां का निधन हो गया. इसके अलावा महिला के चार में से दो बच्चों की भी मौत हो चुकी है.
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सबूतों और गवाहों का अभावआरोपी की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने मामले को प्राथमिकता दी और चार सुनवाई में मामले का निपटारा कर दिया. जस्टिस मधुरिमा देशपांडे ने कहा कि ‘यह मामला काफी पुराना है’ और मामले से जुड़े अधिकतर गवाह या तो इस दुनिया में नहीं हैं या फिर उन्हें ढूंढा नहीं जा सका है. कोर्ट ने कहा कि ऑन रिकॉर्ड ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे साबित हो कि आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया.
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