Humans of Bombay नाम का एक पेज है फेसबुक पर. ये जितने भी ह्यूमंस ऑफ समथिंग वालेपेज होते हैं. बहुत सही होते हैं. बहुत मार्मिक टाइप पोस्ट्स लगाते हैं. मानेआस-पास कितना सही हो रहा है वो देखने को मिलता है. तो Humans of Bombay ने कल एकफोटो डाली. एक आदमी की. जो ऑटो चलाता है. उसने बताया मैं हिंदुस्तान यूनिलीवर मेंकाम करता था. 9 से 5 के काम में कुछ नया नहीं था. कंपनी के साथ कुछ गलत नहीं था,लेकिन जो था वो एक जैसे था. रोज़-रोज़. एक सुबह उठकर मैंने जॉब छोड़ दी. नए लोग सेमिलना था, फोटो खेंचनी थी, पेंटिंग्स बनानी थी. फिर कुछ रोज़ में ऑटो ले लिया. आगेउनने बताया कैसे ये दुनिया का सबसे अच्छा काम है. चालीस सालों से यही कर रहे हैं.रोज़ लोगों से मिलते हैं. मुंबई भर के स्टूडियोज में घूम आए हैं. सबसे अंत में इननेबताया खुशी जो है वो कभी पैसे से नहीं खरीदी जा सकती. मैं रोज़ टॉप ऑफ द वर्ल्डमहसूस करता हूं. फोटो जो थी वायरल हो गई. लोग कह रहे हैं, इनने खुश रहने का फंडासीख लिया है. हमको भी इनके ऑटो में एक बार चढ़ना है. सबसे अच्छा जो वो ये कि लोगोंको समझ आया पैसे के पीछे न भागकर भी आदमी कितना कूल होकर रह सकता है.