संडे है, नया साल है. हम ऑफिस में बैठे हैं. और मुलायम फैमिली ने हमारी ज़िंदगी मेंज़हर घोलने का बीड़ा उठा लिया है. कल शाम नरेंद्र मोदी ने बर्बाद की. लगा कि फिर कुछबंद करेंगे, बजट पेश कर निकल लिए. आज सुबह से इनका पारिवारिक झगड़ा चल रहा है. एकअधिवेशन हुआ. शिवपाल और अमर सिंह को झाड़ दिया गया. बुहार दिया गया. मुलायम कोआडवाणी बना दिया गया. अखिलेश ऐसे बोले कि न्यूजरूमों में टिकर लिखने वालों कीअंगुलियों के नाखून पिराने लगे. फिर अंकिल मुलायम सीन में इंटर हुए. बोले जोअधिवेशन हुआ असंवैधानिक था. रामगोपाल यादव को पार्टी से फिर निकाल दिया. छह साल केलिए. इसके पहले भी निकाला था. फिर वापिस शामिल कर लिया. यहां तीन दिन में इतनी बारफैसले बदल चुके हैं, ये छह साल में क्या क्या कर डालेंगे? लखनऊ के उसी जनेश्वरमिश्र पार्क में 5 जनवरी को पार्टी अधिवेशन बुलाया है, जहां आज सुबह अधिवेशन हुआथा. शिवपाल यादव फिर से मुलायम सिंह यादव के घर पहुंचे हैं. सुबह भी पहुंचे हैं.समझ नहीं आता ये आदमी राजनीति में अपनी जगह बचा रहा है या अपने घर का ब्रेकफास्ट औरलंच. इस सीन में एक आदमी और है. अमर सिंह. अमर सिंह भी लंदन से भारत के लिए रवानाहो चुके हैं. चलो उस आदमी का साल भी ऐसे ही घेंच-पेंच में शुरू हुआ. जैसे में हमाराहुआ है. अब वो सोमवार को मुलायम अंकिल से मिलेंगे.https://www.youtube.com/watch?v=AJCmImuMRM8--------------------------------------------------------------------------------अमर सिंह ने कहा, 'दर-दर की ठोकरों मुझे इतना बता दो मेरा कसूर क्या है'शिवपाल-अमर सिंह का पत्ता कटा और मुलायम सिंह 'सपा' के 'आडवाणी' हो गए