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क्या मुख्तार अंसारी के साथ भी कुछ होने वाला है? यूपी STF चीफ ने जवाब दिया

29 अप्रैल को मुख्तार अंसारी की गाजीपुर कोर्ट में पेशी होनी है.

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24 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 24 अप्रैल 2023, 09:49 PM IST)
Mukhtar Ansari UP Police
मुख्तार इस समय यूपी की बांदा जेल में बंद हैं (फोटो- पीटीआई)
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अतीक अहमद की पुलिस हिरासत में हत्या के बाद यूपी पुलिस पर खूब सवाल उठे. इस घटनाक्रम के बाद गैंगस्टर और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की भी चर्चा होने लगी. 29 अप्रैल को 16 साल पुराने मामले में मुख्तार को गाजीपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा. मुख्तार इस समय यूपी की बांदा जेल में बंद हैं. इसलिए कई लोग मुख्तार की सुरक्षा को लेकर सवाल करने लगे. उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के प्रमुख अमिताभ यश ने दी लल्लनटॉप के खास कार्यक्रम 'बैठकी' में मुख्तार अंसारी पर जवाब दिया.

दी लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी ने इसी मुद्दे पर अमिताभ यश से सवाल किया. अमिताभ ने बताया कि मुख्तार अंसारी पंजाब की जेल में शिफ्ट हो गए थे. वहां पंजाब सरकार ने जांच का भी आदेश दिया था. कई चीजें सामने आई थीं. मुद्दा ये था कि उनके खिलाफ यहां (उत्तर प्रदेश) कई मुकदमे चल रहे हैं. और इन मामलों के स्पीडी ट्रायल के लिए मुख्तार अंसारी की पेशी होनी थी. लेकिन दो साल से लगातार पंजाब से मुख्तार अंसारी किसी ना किसी बहाने मेडिकल बनवाकर यहां नहीं आ रहे थे.

अमिताभ यश ने आगे कहा, 

"जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वो लाए गए तो आप देखे होंगे कि व्हीलचेयर पर थे. लेकिन जब बांदा जेल पहुंचे तो आसानी से खड़े होकर अंदर चले गए. इस तरह का ड्रामा आप भी समझ सकते हैं. बांदा लाए गए, उनके ट्रायल चल रहे हैं. कुछ मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है. अगर उनको यहां नहीं लाया गया होता तो ये सुनवाई पूरी नहीं हुई होती."

STF चीफ के मुताबिक, मुख्तार को अभी गैंगस्टर एक्ट में गाजीपुर कोर्ट से 10 साल की सजा हुई थी. इसके अलावा जेलर को धमकाने और सिर पर पिस्टल लगाने के लिए हाई कोर्ट से 7 साल की सजा मिली है. इसके अलावा कई मर्डर और गैंगस्टर एक्ट के मामले हैं. ये कभी संभव नहीं होता अगर यहां नहीं लाए गए होते. इसलिए अपराधी यहां से भागते हैं कि उन्हें समय पर सजा मिल जाएगी.

अपराधी सुनवाई में देरी कैसे करवाते हैं?

कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए अपराधी क्या-क्या करते हैं? इस सवाल के जवाब में अमिताभ यश कहते हैं कि कभी उनके वकील छुट्टी पर चले जाते हैं तो कभी कोर्ट में हड़ताल करवा देते हैं. ताकि सुनवाई में देरी हो. यश ने बताया, 

"जब अतीक के खिलाफ देवरिया जेल कांड में गवाही हो रही थी, तो उसकी गवाही को रोकने के लिए बहुत बार हड़ताल करवाई गई. इसके अलावा कई और तरीके हैं. कभी एक मुजरिम आता है तो दूसरा नहीं आता है. कभी वकील मेडिकल के आधार पर तारीख बढ़ाने की मांग करते हैं. जिन मामलों में गवाह अपनी बात में स्थिर रहते हैं, उन मामलों में ये देरी करवाते हैं. ये सभी तरीके पुराने हैं."

मुख्तार के खिलाफ कुल 59 मामले दर्ज हैं. इनमें से 20 मामले ऐसे हैं जो कोर्ट में विचाराधीन हैं. गाजीपुर के MP-MLA कोर्ट में कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद दर्ज हुए गैंगस्टर एक्ट के मामले में 29 अप्रैल को फैसला सुनाया जा सकता है. ऐसे में मुख्तार अंसारी को गाजीपुर कोर्ट में पेश होना होगा. अंसारी की सुरक्षा इंतजाम के सवाल पर गाजीपुर के SP ओमवीर सिंह ने हाल में कहा था कि इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहेगी.

मुख़्तार अंसारी के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने जम कर कार्रवाई की है. 2017 से लेकर अबतक न सिर्फ मुख़्तार अंसारी से जुड़े मामलों में कानूनी सक्रियता बढ़ाई गई बल्कि मुख़्तार को आर्थिक चोट भी लगी. सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति या तो ज़ब्त हुई या ध्वस्त कर दी गई. उसके विधायक बेटे अब्बास अंसारी पर हथियारों को लेकर मुक़दमा दर्ज कर कार्रवाई की गई. वहीं परिवार के अन्य सदस्यों के ख़िलाफ़ भी मामले दर्ज हैं.

वीडियो: लल्लनटॉप बैठकी: UP STF चीफ़ अमिताभ यश ने अतीक मर्डर, विकास दुबे एनकाउंटर और मुख्तार अंसारी पर क्या बताया?

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