मोहम्मद यूनुस ने फिर दिखाई भारत को आंख, कहा- शेख हसीना को चुप कराइये वरना...
Muhammad Yunus slams India: यूनुस ने कहा कि शेख हसीना भारत में बैठकर जिस प्रकार की राजनीतिक टिप्पणियां कर रही हैं, वह ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध असहज नहीं हों, इसके लिए जरूरी है कि वह चुप रहें.

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ तल्ख तेवर दिखाए हैं. उन्होंने हसीना की बयानबाजी के चलते भारत पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में बैठकर जिस प्रकार की राजनीतिक टिप्पणियां कर रही हैं वह उचित नहीं है. उन्होंने इसे भारत के साथ एक 'अमित्रतापूर्ण संकेत' भी बता दिया है. साथ ही कहा कि जब तक बांग्लादेश हसीना के प्रत्यर्पण के लिए भारत से वार्ता नहीं करता है, तब तक उन्हें अपना मुंह बंद ही रखना चाहिए.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से गुरूवार 6 सितंबर को हुई बातचीत में मुहम्मद यूनुस ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की ओर से हसीना के बयानों को लेकर बांग्लादेश में असहजता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध अब निचले स्तर पर. मोहम्मद यूनुस ने नसीहत देते हुए आगे कहा,
दरअसल, 13 अगस्त को शेख हसीना ने एक बयान जारी कर मांग की कि बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान "हत्याओं और बर्बरता में शामिल" लोगों की पहचान की जाए और उन्हें दंडित किया जाए.
शेख हसीना की इन राजनीतिक टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए मोहम्मद यूनुस ने कहा,
मोहम्मद यूनुस ने बातचीत के दौरान इस बात पर भी जोर दिया कि हसीना को बांग्लादेश वापस लाना होगा और सबके सामने मुकदमा चलाना होगा. मोहम्मद यूनुस ने इस दौरान इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश भारत के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को महत्व देता है. लेकिन, नई दिल्ली को ‘उस विमर्श से आगे बढ़ाना चाहिए जो अवामी लीग को छोड़कर बाकी अन्य राजनीतिक दलों को इस्लामिक के रूप में पोर्टे करता है.’
उन्होंने आगे कहा कि भारत और बांग्लादेश को अपने संबंधों को सुधारने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है, जो अब निचले स्तर पर है.
मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ सप्ताह पहले फोन पर बातचीत की थी. उन्होंने बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद हिंदुओं पर हुए हमलों और उनकी सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी से चर्चा कर आश्वाशन दिया था. इस बातचीत में दोनों नेताओं ने संबंधित राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की थी.
5 अगस्त को शेख हसीना ने राजनीतिक उठापटक और हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच पद से अपदस्थ होने के बाद भारत आ गईं. लगभग चार सप्ताह से भारत में उनकी उपस्थिति ने बांग्लादेश में अटकलों को हवा दे दी है. जिससे यह संभावना है कि बांग्लादेश जल्द ही उनके प्रत्यर्पण पर जोर दे सकता है.
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