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कैसे टूटा था मोरबी का पुल? गुजरात सरकार का कोर्ट में दिया जवाब देखिए!

"लंबे वक्त से पुल की ऑयलिंग, ग्रीसिंग तक नहीं हुई थी."

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morbi pull collapse
हादसे के बाद की एक तस्वीर. (पीटीआई)
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दुष्यंत कुमार
23 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 23 नवंबर 2022, 01:13 PM IST)
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मोरबी पुल हादसे की वजह हद दर्जे की लापरवाही थी. बीते महीने हुई इस घटना में 135 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. एक महीने बाद गुजरात सरकार ने अदालत के सामने हादसे की वजहें गिनाई हैं. उसने कहा है कि पुल में लगी धातु की रस्सियों यानी केबलों में जंग लग चुका था. उन्हें रेनोवेशन से पहले हटाया जाना चाहिए था. लेकिन जिस फर्म को पुल के रेनोवेशन का ठेका दिया गया, उसने ऐसा नहीं किया.

मंगलवार, 22 नवंबर को जिला अदालत की सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार के अधिवक्ता विजय जाणी ने हादसे को लेकर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की प्राथमिक जांच रिपोर्ट पेश की. उन्होंने हादसे के बाद गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों की बेल ऐप्लिकेशन का विरोध किया. साथ ही बताया कि दुर्घटना के दिन, यानी 30 अक्टूबर को 3165 लोग मोरबी केबल ब्रिज पर घूमने आए थे.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में जाणी ने कहा,

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बता दें कि हादसे के सभी नौ आरोपियों ने मोरबी के सेशन कोर्ट में जमानत याचिका डाली थी. सरकार के वकील ने बताया कि कोर्ट में आरोपियों की याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है. बुधवार को इस संबंध में आदेश दिया जाएगा. वहीं गुरुवार 24 नवंबर को हाई कोर्ट स्वतः संज्ञान के तहत दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा. इस मामले में हाई कोर्ट पहले ही राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगा चुका है.

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