मथुरा-वृंदावन कृष्ण की नगरी होने के चलते देश विदेश में काफी प्रसिद्ध है. लेकिनये एक और चीज़ के लिए भी काफी विख्यात हो चला है. और वो है बंदर.इनके आतंक का आलम ये है कि अगर आप अपनी खाने की पोटली ज़ी-प्लस सुरक्षा में भी ले जारहे हैं तो भी निश्चिंत होने की आवश्यकता नहीं है. उस स्थिति में ये बंदर आपके हाथसे कोई दूसरी चीज़ छीन कर ले जाएंगे और फिर आपके साथ बार्गेन करेंगे, कि हमें कुछखाने का दो, तब जाकर ही आपकी वो दूसरी चीज़ रिटर्न की जाएगी. इस वाले कॉन्सेप्ट कीबाद लास्ट में करेंगे. पहले जो बात करते है उस खबर की जो वायरल होती हुई हम तकपहुंची है और साथ में पहुंचा है उस खबर का वीडियो -एचडी क्वालिटी की न होने के बावज़ूद वीडियो में साफ़ दिखता है कि एक सपेरा जिस दौरानअपनी पोटली में से सांप डाल ही रहा होता है, उसी दौरान, सेकेंड के सौंवे हिस्सेमें, न जाने कहां से एक बंदर आकर उस सांप को सपेरे के हाथ से छीनकर भाग जाता है.मज़े की बात ये कि कुछ सेकेंड तक सपेरा हक्का बक्का रह जाता है, लेकिन जब उसके समझमें आता है कि सांप का खेल दिखाने वाले उसे बंदे के साथ खुद खेल हो गया तब जाकर वोबंदर का पीछा करता है, छत पर चढ़ जाता है, गिरते-गिरते बचता है, लेकिन न तो बंदर नउसके हाथ के सांप को ही अपने कब्ज़े में ले पाता है.सांकेतिक इमेज (रॉयटर्स)अब प्रश्न उठता है कि शाकाहारी होते हुए भी बंदर ने ऐसा क्यूं किया होगा. कुछथ्योरिज़ में गौर किया जाए -# कुछ महीने पहले ये बानर मेरे एक दोस्त की शर्ट छीन कर ले गए और फिर धीरे-धीरे उसशर्ट के बटन तोड़ने लगे. जब उस दोस्त को वृंदावन के लोकल बंदों ने बंदरों की‘ब्लैकमेलिंग’ का पूरा प्लॉट समझाया तब जाकर, और उस बंदर को आधे दर्जन केले देकर,मेरा वो दोस्त अपनी शर्ट वापस पा सका. ‘बटन रहित’ शर्ट.दरअसल शर्ट के बटन तोड़ना उसी ब्लैकमेलिंग वाले प्लॉट का अहम हिस्सा था – हम तो यूंही आपकी शर्ट के बटन तोड़ते रहेंगे.एक और सांकेतिक इमेज (रॉयटर्स)तो इसी आधार पर कहा जा सकता है कि शायद सपेरे को ब्लैकमेल और उसके साथ बार्गेन करनेके लिए बंदर ने ये प्लॉट बुना होगा.# दूसरी थ्योरी कंपटीशन वाली है. हो सकता है कि ये बंदर किसी मदारी का हो, जिसकाबिज़नस इस सपेरे के चलते बर्बाद हो रहा था. बस आगे क्या हुआ होगा ये समझने के लिए तोआप पर्याप्त कल्पनाशील हैं हीं.# तीसरी थ्योरी सबसे कन्विंसिंग लगती है. शायद बंदर को पिछले कई दिनों से कोई नहींपूछ रहा था. उसकी स्थिति उस बूढ़े नेता की तरह हो गई थी जो अब केवल सलाहकार समिति कासदस्य भर रह गया था, और जिससे सलाह के नाम पर केवल आशीर्वाद भर लिया जाता था.सांकेतिक इमेज (एएनआई)तो गुमनामी से बाहर और खबरों की सुर्ख़ियों में आने के लिए उसने ऐसा किया लगता है.# और अंत में, हो सकता है कि बचपन में और जंगल में सांप और बंदर के बीच गहरा यारानारहा हो. और ये वाला वीडियो दरअसल एक लंबे चौड़े रेस्क्यू मिशन का क्लाइमेक्स भर हो.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो देखें:शाहरुख तो कंप्यूटर की मदद से बौने नजर आएंगे, मगर कई बौने असल में एक्टर हैं -