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'सिर्फ घरेलू डोनेशन की ही इजाजत थी', Alt News मामले पर रेजरपे का जवाब

रेजरपे के जरिए चंदा लेता रहा है Alt News. दिल्ली पुलिस ने Alt News पर विदेशी फंडिंग लेने का आरोप लगाया था.

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Mohammed Zubair Alt News
मोहम्मद जुबैर को कोर्ट ले जाती दिल्ली पुलिस (फोटो- PTI)
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साकेत आनंद
9 जुलाई 2022 (अपडेटेड: 9 जुलाई 2022, 05:16 PM IST)
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Alt News मामले में ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म रेजरपे (Razorpay) का बयान सामने आया है. रेजरपे ने कहा है कि Alt News सिर्फ घरेलू डोनेशन ही ले सकता था. कंपनी ने कहा है कि उसे FCRA मंजूरी के बिना विदेशी डोनेशन की इजाजत नहीं थी. दरअसल, पत्रकार मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेकिंग वेबसाइट Alt News पर विदेशी फंडिंग का आरोप लगाया था. जुबैर ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर हैं. और ऑल्ट न्यूज रेजरपे के जरिये डोनेशन लेती है.

जुबैर की गिरफ्तारी के बाद पिछले हफ्ते दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान ऑल्ट न्यूज पर आरोप लगाया था कि उसने FCRA नियमों का उल्लंघन किया है और इसकी जांच की जा रही है. FCRA यानी विदेशी चंदा नियमन कानून. आरोपों पर रेजरपे के CEO हर्षिल माथुर ने एक बयान जारी किया. माथुर ने ट्विटर पर जारी बयान में लिखा, 

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डेटा शेयर करने पर बोला रेजरपे

Alt News ने पिछले हफ्ते आरोप लगाया था कि रेजरपे ने उसे बताए बिना अकाउंट बंद कर दिया था और पुलिस को डोनेट करने वालों का डेटा सौंप दिया. इस पर हर्षिल माथुर ने लिखा, 

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रेजरपे ने यह भी कहा जांच के दायरे में आने वाले सिर्फ सीमित डेटा को ही शेयर किया गया है. हर्षिल माथुर ने बताया कि कंपनी ने डोनेट करने वालों के पैन कार्ड, पता, पिन कोड जैसी कोई जानकारी शेयर नहीं की है.

दिल्ली पुलिस का आरोप

दिल्ली पुलिस ने पिछले हफ्ते कहा था कि मोहम्मद जुबैर के केस में आपराधिक साजिश, सबूत नष्ट करने और विदेशी चंदा लेने के मामले में भी धाराएं जोड़ी गई हैं. दिल्ली पुलिस फिलहाल ऐसे आरोपों की जांच कर रही है. पुलिस ने जुबैर की बैंक डिटेल की जानकारी और FIR की कॉपी ED को दी है.

इस मामले में दिल्ली पुलिस के वकील अतुल श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया था, 

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2 जुलाई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जुबैर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. जुबैर को धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. लेकिन गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने Alt News और जुबैर पर कई और आरोप लगा दिए.

दी लल्लनटॉप शो: सुप्रीम कोर्ट में पत्रकार जुबैर और रोहित की सुनवाई में क्या फर्क रहा?

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