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शपथ ग्रहण के दौरान सबके सामने ट्रंप को सुनाने वाली बिशप कौन हैं?

Donald Trump के शपथ ग्रहण के दौरान Mariann Edgar ने अमेरिका में इमिग्रेंट्स के महत्व पर जोर डाला. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को LGBTQ+ समुदाय और इमिग्रेंट्स के प्रति नरम रूख अपनाना चाहिए.

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Mariann Edgar Profile
कार्यक्रम के दौरान एडगर और डॉनल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो: AP)
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रवि सुमन
23 जनवरी 2025 (Updated: 23 जनवरी 2025, 04:25 PM IST)
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के शपथ ग्रहण के दौरान एक महिला बिशप ने सबका ध्यान खींचा. मैरिएन एडगर बुडे (Mariann Edgar) हेडलाइंस में रहीं. क्योंकि उन्होंने अपनी प्रार्थना के दौरान, ट्रंप से LGBTQ+ समुदाय और आप्रवासी लोगों पर दया दिखाने की अपील की. दरअसल, ट्रंप ने शपथ ग्रहण के बाद LGBTQ+ समुदाय और अमेरिका में रहने वाले दूसरे देशों के नागरिकों के लिए सख्त टिप्पणियां की थी. ऐसे में जब मैरिएन एडगर ने उनसे दया दिखाने की बता की तो ट्रंप भी बुरा मान गए.

डॉनल्ड ट्रंप ने बिशप के बयान को “दुष्टता” से भरा हुआ बताया है. उन्होंने कहा है कि मैरिएन को अपने बयान के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए.  

Mariann Edgar ने आखिर कहा क्या था?

एडगर ने करीब 15 मिनटों का अपना धार्मिक भाषण दिया था. इस दौरान उन्होंने कहा,

मैं राष्ट्रपति से एक अंतिम निवेदन करना चाहती हूं. लाखों लोगों ने आप पर भरोसा किया है. हमारे ईश्वर के नाम पर, मैं आपसे हमारे देश के उन लोगों पर दया करने के लिए कहती हूं जो अब डरे हुए हैं. वो डेमोक्रेटिक, रिपब्लिकन और स्वतंत्र परिवारों के समलैंगिक, लेस्बियन और ट्रांसजेंडर बच्चे हैं, जिनमें से कुछ को अपने जीवन के लिए डर है.

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उन्होंने ट्रंप से ऐसे लोगों पर दया दिखाने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध और उत्पीड़न से बचकर निकले लोगों की भी मदद की जाए. 

Mariann Edgar Speech
अपने धार्मिक भाषण के दौरान एडगर. (तस्वीर: AP)
इमिग्रेंट्स का महत्व

एडगर ने आप्रवासियों के योगदान पर जोर देते हुए ट्रंप से कहा,

अधिकांश आप्रवासी, अपराधी नहीं हैं. वो अच्छे पड़ोसी हैं और हमारे चर्चों, मस्जिदों, सभास्थलों, गुरुद्वारों और मंदिरों के प्रति वफादार रहे हैं. हमारा ईश्वर हमें सिखाता है कि हमें अजनबियों के प्रति दयालु होना चाहिए, क्योंकि हम भी कभी इस देश में अजनबी थे.

 Donald Trump ने माफी मांगने को कहा

वाइट हाउस लौटने के बाद ट्रंप से इस भाषण के बारे में पूछा गया. इस पर उन्होंने जवाब दिया,

ये बहुत ज्यादा रोमांचक नहीं था, है न? मुझे नहीं लगता कि ये एक अच्छी बात है. वो इससे कुछ बेहतर कर सकते थे.

बाद में ट्रंप ने एडगर का नाम लिए बिना एक बयान जारी किया और कहा,

राष्ट्रीय प्रार्थना सभा में बोलने वाली तथाकथित बिशप एक कट्टरपंथी, वामपंथी और ट्रंप विरोधी थीं. उनका लहजा ठीक नहीं था. उन्हें और उनके चर्च को जनता से माफी मांगनी चाहिए.

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कौन हैं Mariann Edgar?

65 साल की एडगर, वाशिंगटन के एपिस्कोपल चर्च की पहली महिला धार्मिक नेता हैं. नवंबर 2011 में उनको इस चर्च के 9वें बिशप के रूप में चुना गया था. इससे पहले, उन्होंने 18 सालों तक मिनियापोलिस के सेंट जॉन्स एपिस्कोपल चर्च में काम किया था.

उन्होंने न्यूयॉर्क के रोचेस्टर विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में BA की पढ़ाई की है. एडगर ने ‘वर्जीनिया थियोलॉजिकल सेमिनरी’ से मास्टर्स इन डिविनिटी (1989) और डॉक्टर ऑफ मिनिस्ट्री (2008) की डिग्री भी प्राप्त की है.

उनको न्यायिक मामलों की वकालत के लिए जाना जाता है. वो हिंसा पर रोकथाम, नस्लीय समानता, इमिग्रेशन पॉलिसी और LGBTQ+ समुदाय के बारे में बात करती रहती हैं.

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