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मणिपुर: सेना ने हथियारों के साथ 11 बदमाश पकड़े, मैतेई औरतें आईं, बवाल काटा, सभी को छुड़ा ले गईं

Manipur में Army ने हथियारों के साथ बदमाश पकड़े. मीरा पाइबी (Meira Paibi) संगठन की महिलाएं आईं और बीच रास्ते से सभी को छुड़ा ले गईं. क्या-क्या हुआ मणिपुर पुलिस ने सब बताया.

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1 मई 2024 (अपडेटेड: 1 मई 2024, 09:05 AM IST)
manipur violence women Meira Paibi
मैतेई महिलाओं ने 11 बंदियों छुड़ाया | प्रतीकात्मक फोटो: इंडिया टुडे
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मणिपुर (Manipur) में हिंसा का सिलसिला अभी भी रुका नहीं है. सोमवार, 29 अप्रैल को देर रात सुरक्षाबलों ने मणिपुर के बिष्णुपुर में हथियारों के साथ 11 बदमाशों को हिरासत में लिया. लेकिन, इसके बाद मीरा पाइबी (Meira Paibi) संगठन की महिलाओं ने बीच सड़क जबरदस्त प्रदर्शन और हंगामा किया. ऐसा कि सुरक्षाबलों से सभी बदमाशों को छुड़ा ले गईं. मीरा पाइबी, मैतेई समुदाय की महिलाओं का एक संगठन है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मणिपुर पुलिस ने बताया कि सेना की महार रेजिमेंट की एक टुकड़ी ने पुलिस की वर्दी पहने 11 बदमाशों को पकड़ा था. इनके पास हथियार भी थे. जिनमें कई बंदूकें, राइफलें,  ग्रेनेड और गोला-बारूद था.

इसके बाद आंदोलनकारी महिलाओं ने हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई और जब्त किए गए हथियारों को वापस करने की मांग की. बताते हैं कि इन महिलाओं ने बिष्णुपुर के कुंबी इलाके में सेना की टुकड़ी का रास्ता रोक लिया, कुछ महिलाएं सड़क पर लेट गईं और बीच में एक वाहन खड़ा कर दिया. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी. इस दौरान ही उग्र भीड़ ने हिरासत में लिए गए 11 लोगों को छुड़ा लिया.

इस घटना के बाद रैपिड एक्शन फोर्स को मौके पर बुलाया गया. बिष्णुपुर के एसपी रविकुमार और स्थानीय विधायक टी रोबिंद्रो भी घटनास्थल पर पहुंचे और भीड़ को वहां से हटाने में सुरक्षाबलों की मदद की.

महिलाओं की परेड कराने में पुलिस शामिल निकली

उधर, मणिपुर में पिछले साल दो महिलाओं के यौन उत्पीड़न और उन्हें बिना कपड़ों के परेड कराने से जुड़े मामले में नया खुलासा हुआ है. मामले में CBI ने चार्जशीट दाखिल की है. इसमें दावा किया गया है कि मणिपुर पुलिस के अधिकारी ही इन महिलाओं को कांगपोकपी जिले में 1000 मैतेई प्रदर्शनकारियों के बीच लेकर पहुंचे थे.

समाचार एजेंसी PTI की खबर के मुताबिक, CBI की चार्जशीट में बताया गया है कि इन महिलाओं ने पुलिस की गाड़ी में शरण मांगी थी. लेकिन पुलिस ने दोनों महिलाओं को भीड़ के बीच ही छोड़ दिया. इसके बाद भीड़ ने उन्हें निर्वस्त्र करके परेड कराई और फिर उनके साथ यौन शोषण किया.  

रिपोर्ट के अनुसार, चार्जशीट की जानकारी देने वाले अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं ने पुलिसवालों से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए मदद मांगी थी. लेकिन पुलिसवालों ने महिलाओं से कहा कि उनके पास गाड़ी की चाबी नहीं है. चार्जशीट में दावा किया गया है कि पुलिस ने महिलाओं की कोई मदद नहीं की थी.

ये भी पढ़ें:- मणिपुर में 2 जवानों की हत्या के बाद बवाल, सड़क पर उतरीं महिलाओं ने क्या मांग कर दी?

PTI ने लिखा कि भीड़ महिलाओं के गांव में जबरदस्ती दाखिल हुई थी. इसके बाद अन्य पीड़ितों के साथ दोनों महिलाएं भीड़ से बचने के लिए जंगल की तरफ भागी थीं. लेकिन भीड़ ने उन्हें देख लिया था. भीड़ से ही कुछ लोगों ने महिलाओं से कहा था कि वो सड़क किनारे खड़ी पुलिस की गाड़ी के पास पहुंचकर मदद मांगें. महिलाएं पुलिस की गाड़ी तक पहुंचीं और उसके अंदर बैठ गईं. इसके बाद भी ड्राइवर और दो पुलिसवाले गाड़ी में शांति से बैठे रहे.

वीडियो: मणिपुर की ग्राउंड रियलिटी क्या है? वहां की महिलाओं से सुनिए

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