'कांग्रेस 200 सीटों पर मजबूत', 2024 पर ममता ने वो बोल दिया जिसका विपक्ष को इंतजार था
लेकिन शर्तें लागू हैं.

विपक्षी एकजुटता. पिछले कुछ सालों से आप ये शब्द खूब सुन रहे होंगे. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होने की कोशिश. इस एकजुटता के लिए कांग्रेस के नेतृत्व पर कुछ राजनीतिक दल अपने पत्ते अब तक नहीं खोल रहे थे. उनमें ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की टीएमसी भी थी. लेकिन अब ममता बनर्जी ने पहली बार कहा है कि 2024 लोकसभा चुनाव में वो कांग्रेस को समर्थन करेंगी. लेकिन शर्तें लागू हैं. ममता ने कहा है कि वो लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों को सीटों के फॉर्मूले पर बातचीत शुरू करनी चाहिए.
सोमवार, 15 मई को ममता बनर्जी कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं. इस दौरान उनसे विपक्षी एकता पर सवाल पूछा गया. सीएम ममता ने कहा कि जिन सीटों पर कांग्रेस मजबूत है वहां वो बीजेपी के साथ लड़ सकती है. आगे ये भी कहा,
"मजबूत पार्टी को प्राथमिकता देनी चाहिए. जहां कांग्रेस मजबूत है उसे वहां लड़ने दीजिए. लेकिन उसे (कांग्रेस) भी दूसरी पार्टियों को सपोर्ट करना पड़ेगा. हमने अनुमान लगाया है कि कांग्रेस 200 सीटों पर मजबूत है. अगर आप कुछ अच्छा चाहते हैं तो कुछ जगहों पर त्याग भी करना पड़ता है. यूपी को ही मान लीजिए, वहां हमें अखिलेश (समाजवादी पार्टी) को प्राथमिकता देनी होगी. मैं ये नहीं कह रही हूं कि कांग्रेस को वहां नहीं लड़ना चाहिए. हम मिलकर फैसला करेंगे."
ममता ने दूसरे राज्यों का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी को लड़ना चाहिए. दिल्ली में आम आदमी पार्टी को सपोर्ट करना चाहिए. इसी तरह बिहार में नीतीश जी, तेजस्वी और कांग्रेस साथ हैं तो वे फैसला ले सकते हैं.
ममता बनर्जी से पूछा गया कि क्या हाल में वो किसी विपक्षी दल के साथ बैठक करने वाली हैं. इस पर उन्होंने जवाब दिया कि इस महीने के आखिर तक वो दिल्ली जाएंगी. उन्होंने कहा कि वो 27 मई को नीति आयोग गवर्नमेंट काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगी. लेकिन दिल्ली में विपक्ष की कोई बैठक का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है.
विपक्षी एकजुटता के एक और सवाल पर ममता बनर्जी ने आगे कहा,
"मैं कोई जादूगर नहीं हूं, ना ही ज्योतिषी. मैं नहीं बता सकती कि भविष्य में क्या होने वाला है. लेकिन मैं एक चीज बोल सकती हूं कि जहां भी क्षेत्रीय पार्टी मजबूत है वहां बीजेपी नहीं लड़ सकती है. जहां लोग निराश और हताश हैं... जैसे कर्नाटक को ले लीजिए, लोगों ने बीजेपी सरकार के खिलाफ वोट दिया."
इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष को एकजुट करने को लेकर ममता बनर्जी ने ज्यादा कुछ नहीं कहा था. हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जरूर कांग्रेस समेत दूसरे दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. पिछले महीने की 24 तारीख को नीतीश और तेजस्वी ने एकसाथ ममता बनर्जी से मुलाकात की थी. इस बैठक के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा था कि हम सभी विपक्षी पार्टियों के संपर्क में हैं और अहंकार का कोई टकराव नहीं है.
ममता बनर्जी से मुलाकात के कुछ दिन पहले ही नीतीश और तेजस्वी दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस के सीनियर नेताओं से मिले थे. इस मीटिंग के बाद राहुल गांधी ने एक तस्वीर शेयर की थी. लिखा था कि विचारधारा की इस लड़ाई में, विपक्ष की एकता की ओर आज एक ऐतिहासिक कदम लिया गया है.
वीडियो: राहुल गांधी को विपक्ष का PM उम्मीदवार बनाने का सवाल, जवाब में नीतीश कुमार क्या बोले?

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