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संसद सदस्यता रद्द होने के बाद महुआ मोइत्रा पर एक और आफत

TMC सांसद को अब सरकारी आवास खाली करना पड़ सकता है. इसको लेकर कार्रवाई भी शुरू हो गई है.

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12 दिसंबर 2023 (अपडेटेड: 12 दिसंबर 2023, 07:08 PM IST)
mahua moitra to vacate official residence soon proceedings initiated
8 दिसंबर को महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित किया गया था. (फोटो- ट्विटर)
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लोकसभा सदस्यता रद्द होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) पर एक और गाज गिरने वाली है. TMC की पूर्व सांसद को वो सरकारी आवास खाली करना पड़ सकता है, जो उन्हें बतौर संसद सदस्य दिया गया था. इसको लेकर कार्रवाई भी शुरू हो गई है. सूत्रों के हवाले से छपी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकसभा आवास कमेटी ने इस संबंध में शहरी विकास मंत्रालय को पत्र लिखा है.

8 दिसंबर को महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित किया गया था. कैश फॉर क्वेरी मामले की जांच के बाद संसद की एथिक्स कमेटी ने महुआ की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की थी. 8 दिसंबर को उसने अपनी रिपोर्ट संसद में पेश कर दी थी. इसके बाद वोटिंग हुई जिसके दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ था.

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान मोइत्रा को सदन के अंदर बोलने की इजाजत नहीं दी गई थी. बाद में उन्होंने लोकसभा के बाहर अपना बयान पढ़ा था. उन्होंने कहा,

“ये विडंबना है कि जिस एथिक्स कमेटी को एक नैतिक दिशा-निर्देश के रूप में बनाया गया था, आज उसका दुरुपयोग किया जा रहा है.” 

इसके बाद 11 दिसंबर को मोइत्रा अपने निष्कासन को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं. उन्होंने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. इसमें महुआ ने अपनी सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया को गैरकानूनी बताया है.

(ये भी पढ़ें: जिस केस में महुआ मोइत्रा की सांसदी गई, वो पूरा मामला 8 पॉइंट्स में समझ लीजिए!)

‘कैश फॉर क्वेरी’ मामला

सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने जांच एजेंसियों को एक चिट्ठी लिखकर महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया था कि वो आर्थिक लाभ लेकर संसद में सवाल पूछती हैं. इस चिट्ठी के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर ये आरोप लगाया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. दुबे ने पैसे देने वाले का नाम भी लिया- बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी. TMC सांसद पर लगे आरोपों की शिकायत संसद की एथिक्स कमेटी को भेजी गई थी. कमेटी ने जांच के बाद इन आरोपों को सही ठहराया था.

वीडियो: संसद में महुआ मोइत्रा पर क्यों अधीर रंजन और प्रहलाद जोशी भिड़े?

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