पहले चूके, अब अजीत पवार 30 विधायकों के साथ BJP में चले ही जाएंगे?
शरद पवार की चुप्पी से कांग्रेस, शिवसेना में टेंशन!

महाराष्ट्र (Maharashtra) में जल्द बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल सकता है. जानकारी के मुताबिक NCP नेता अजीत पवार (Ajit Pawar) एक बार फिर BJP की सरकार में शामिल होने के लिए पार्टी में समर्थन जुटा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक NCP के 53 में से 30-34 विधायक अजीत पवार के साथ हैं.
आजतक से जुड़े साहिल जोशी और ऋत्विक भालेकर की रिपोर्ट के मुताबिक जिन नेताओं ने अजीत पवार को समर्थन दिया है उनमें प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे जैसे बड़े नाम शामिल हैं. जबकि महाराष्ट्र NCP अध्यक्ष जयंत पाटिल और जितेंद्र अवध BJP से हाथ मिलाने के पक्ष में नहीं हैं.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले पर अजीत पवार गुट ने शरद पवार से मुलाकात की है और उन्हें बताया गया है कि पार्टी के कई विधायक भाजपा के साथ गठबंधन करने के इच्छुक हैं. हालांकि शरद पवार ने बीजेपी-शिंदे के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया है.
उधर, शरद पवार ने शिवसेना सांसद संजय राउत से इस मामले पर बात की है. उन्होंने राउत से कहा है कि अगर लोग जाते हैं तो वे विधायक होंगे (वे व्यक्तिगत रूप से विधायक के रूप में जाएंगे) पार्टी नहीं जाएगी.
शरद पवार ने मंगलवार, 18 अप्रैल को एक बयान भी दिया. उन्होंने कहा,
संजय राउत ने क्या बताया?शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस पूरे मामले के लिए BJP को जिम्मेदार बताया है. आजतक से जुड़े पंकज खेलकर के मुताबिक राउत ने कहा,
अजीत पवार का जिक्र करते हुए संजय राउत ने कहा,
अजीत पवार ने चुप्पी तोड़ीएनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार ने मंगलवार को बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर चुप्पी तोड़ी है. अजीत पवार ने कहा है, 'मैं एनसीपी में हूं और एनसीपी में ही रहूंगा. एनसीपी जो भी तय करेगी, मैं वहां रहूंगा."
अजीत पवार को बड़ी राहत मिल सकती है?अगर अजीत पवार बीजेपी के साथ जाते हैं तो इससे उन्हें और उनके कुछ सहयोगियों को केंद्रीय एजेंसियों से राहत मिल सकती है. इस समय अजीत, उनका परिवार, प्रफुल्ल पटेल, भुजबल, हसन मुश्रीफ आदि सभी ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं.
आजतक के साहिल जोशी के मुताबिक अजीत गुट के नेता चाहते हैं कि किसी तरह शरद पवार को मना लिया जाए. शरद पवार के आशीर्वाद के बिना वे बीजेपी के साथ जाना नहीं चाहते हैं. अजीत पवार को ये डर भी है कि अगर शरद पवार ने समर्थन नहीं किया तो उन्हें 2019 की तरह शर्मिंदगी का सामना ना करना पड़ जाए.
अब देखना ये है कि शरद पवार राजी हो जाते हैं या फिर NCP में टूट होती है? हो ये भी सकता है कि शरद पवार भतीजे अजीत को BJP के साथ जाने से रोक लें. देखते हैं क्या होता है?
क्या हुआ था 4 साल पहले?अजीत पवार ने 2019 विधानसभा चुनाव के बाद रातोंरात एनसीपी की पार्टी लाइन से अलग जाकर BJP नेता देवेंद्र फडणवीस के साथ सरकार बना ली थी. एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत देवेंद्र फड़नवीस और अजीत पवार ने 23 नवंबर को सुबह-सुबह एक समारोह में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ भी ले ली थी. हालांकि, शरद पवार के दबाव के बाद अजीत पवार को वापस लौटना पड़ा था. उनकी सरकार महज 80 घंटे तक ही रही और बाद में दोनों नेताओं ने इस्तीफा दे दिया था.
वीडियो: अडानी के बचाव में क्यों उतरे शरद पवार? राहुल गांधी को झटका लग गया!

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