महालक्ष्मी हत्याकांड के आरोपी की मौत, महिला के 30 टुकड़े कर फ्रिज में रख दिए थे
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी अपनी जान लेने से पहले लिख गया कि उसने ये अपराध करके गलती की.

बेंगलुरु में महालक्ष्मी नाम की महिला की हत्या के आरोपी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है. मुक्ति रंजन रॉय नाम के इस युवक पर आरोप था कि उसने महालक्ष्मी की हत्या कर उसके शव के कई टुकड़े कर फ्रिज में रखे थे. इस हत्याकांड ने कर्नाटक में खलबली मचा दी थी. पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी. लेकिन 25 सितंबर को मुक्ति की डेडबॉडी ओडिशा के एक गांव के पास मिली.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मुक्ति रंजन को ओडिशा के भद्रक जिले के भुईनपुर गांव के पास मृत पाया गया. पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या करने के बाद से आरोपी फरार था. हत्या के बाद से बेंगलुरु पुलिस कई राज्यों में उसकी तलाश कर रही थी. रिपोर्ट के अनुसार रॉय ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें हत्या की बात स्वीकार करते हुए उसने लिखा है कि उसने ये अपराध करके गलती की.
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधिकारी शांतनु कुमार जेना ने बताया,
"हमें सुबह करीब 8 बजकर 15 मिनट पर रिपोर्ट मिली. उसका शव भुईनपुर के पास सड़क किनारे एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया था. हमने उसे सुबह करीब 9 बजे पोस्टमार्टम के लिए भेजा और फिर परिवार को सौंप दिया."
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए ओडिशा के एडिशनल डायरेक्टर जनरल कानून एवं व्यवस्था, संजय कुमार ने कहा,
“पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें रॉय ने कथित तौर पर अपराध करने की बात स्वीकार की है.”
कुमार ने आगे बताया कि ओडिशा पुलिस ने पहले ही अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी सुबह करीब 4 बजे अपना लैपटॉप बैग लेकर गांव आया था. कुछ देर बाद वो बाइक से अपने घर से निकल गया. बाद में वो मृत पाया गया.
फ्रिज में रखे थे शव के टुकड़ेबेंगलुरु के विनायक नगर स्थित एक तीन मंजिला मकान से बदबू आ रही थी. पास रहने वाले लोगों से बदबू सहन नहीं हुई, तो उन्होंने खोजबीन शुरू की. पता चला कि बदबू टॉप फ्लोर से आ रही है. वहां 29 साल की महालक्ष्मी रहती थीं. महालक्ष्मी का 2 सितंबर के बाद से घरवालों से संपर्क नहीं हुआ था.
इलाके के लोग जब महालक्ष्मी के दरवाजे पर पहुंचे तो बदबू इतनी बढ़ गई कि खड़ा होना मुश्किल हो गया. दरवाजे पर लॉक लगा था. पड़ोसियों ने तुरंत महालक्ष्मी के भाई उक्कम सिंह और बहन को फोन लगाया. देर रात करीब 12.30 बजे महालक्ष्मी के घरवाले वहां पहुंचे. उन्होंने दरवाजे का लॉक तोड़ा. अंदर दाखिल हुए तो उन्हें महालक्ष्मी का शव मिला.
मामले की सूचना पुलिस को दी गई. 21 सितंबर को पुलिस ने फ्रिज खोला तो अंदर महालक्ष्मी का कटा सिर, पैर और डेडबॉडी के 30 से ज्यादा टुकड़े मिले. पुलिस ने तुरंत मामले की जांच के लिए कई टीमों का गठन किया. 8 लोगों से पुलिस ने शक के आधार पर कड़ी पूछताछ शुरू की. जिसके बाद से पुलिस मुख्य आरोपी मुक्ति रंजन रॉय की तलाश कर रही थी.
पति से विवाद की वजह से अलग रहती थीमहालक्ष्मी अक्टूबर 2023 से बसप्पा गार्डन के पास 5वीं क्रॉस पाइपलाइन रोड पर एक किराए के मकान में रह रही थीं. उनकी शादी हेमंत दास नाम के व्यक्ति से हुई थी. शादी को छह साल हो चुके थे और उनकी एक बेटी भी है. हालांकि, घरेलू विवादों के चलते नौ महीने पहले दोनों अलग-अलग रहने लगे थे. मीडिया से बात करते हुए हेमंत दास ने कहा था कि उत्तराखंड के रहने वाले अशरफ का इस हत्या के पीछे हाथ हो सकता है. उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले बेंगलुरु के एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक दास ने कहा,
"मुझे अशरफ नामक एक व्यक्ति पर संदेह है. मैंने एक बार नेलमंगला पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के बाद, ये आदेश दिया गया था कि वह बेंगलुरु न आए. लेकिन मुझे नहीं पता कि वो कहां गया."
हालांकि बाद में बताया गया कि आरोपी का नाम अशरफ नहीं बल्कि मुक्ति रंजन रॉय है.
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