महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के नाम पर हिंदू महासभा ने एक और 'अजीब' काम कर दिया
पहले मंदिर बनवाया था, अब लाइब्रेरी खोल दी ग्वालियर में.
Advertisement

नाथूराम गोडसे
Quick AI Highlights
Click here to view more
10 जनवरी 2021 को धरती के अलग-अलग हिस्सों में विश्व हिंदी दिवस मनाया जा रहा था. एक भाषा, उसके वैविध्य और तमाम अनुप्रयोगों पर बातचीत की जा रही थी. इस दिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक काम हुआ. ग्वालियर में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के नाम पर लाइबेरी स्थापित की गयी. हिंदू महासभा द्वारा. वही ग्वालियर, जहां के बारे में कहा जाता है कि गांधी की हत्या करने का षड्यंत्र ग्वालियर में ही रचा गया था. वही ग्वालियर, जहां गांधी की हत्या में इस्तेमाल में लाई गयी पिस्टल ख़रीदी गयी थी.
ग्वालियर में हिंदू महासभा का ऑफ़िस है दौलतगंज में. वहीं पर गोडसे ज्ञानशाला नाम से इस लाइब्रेरी को खोला गया है. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, इस लाइब्रेरी में गांधी की हत्या के लिए गोडसे द्वारा रचे गए षड्यंत्र के अलावा गोडसे के लेख और उसके भाषण शामिल हैं.
हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने कहा कि लाइब्रेरी इसलिए खोली गयी है ताकि दुनिया को बताया जा सके कि गोडसे कितने बड़े राष्ट्रवादी थे. उन्होंने कहा,Madhya Pradesh: Hindu Mahasabha opened a study centre in Gwalior dedicated to Nathuram Godse, yesterday
Jaiveer Bharadwaj, vice-president says, "This study centre will inform the young generation about aspects of Partition of India & spread knowledge on various national leaders" pic.twitter.com/RCw6zbXIql — ANI (@ANI) January 11, 2021
“गोडसे अविभाजित भारत के लिए खड़े रहे और मृत्यु को प्राप्त किया. इस लाइब्रेरी का मक़सद आज की बेफ़िक्र युवा पीढ़ी में असल राष्ट्रवाद जगाना है, जिसके लिए गोडसे आख़िरी वक़्त तक खड़े रहे.”जयवीर भारद्वाज ने गोडसे को सही साबित करने के लिए नेहरू और जिन्ना पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश का विभाजन जवाहरलाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना की महत्त्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हुआ था, क्योंकि दोनों ही देश पर राज करना चाहते थे. लेकिन गोडसे ने इसका विरोध किया. महासभा ने इससे पहले गोडसे का मंदिर भी बनवाया था. कांग्रेस ने इसका विरोध किया था. उसके बाद मंदिर को हटाया गया था. और गोडसे के नाम पर लाइब्रेरी खोल दी गई है.

