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यूपी में बनेगा NCR की तर्ज पर SCR, लखनऊ से लगे इन जिलों के हो गए 'मजे'

यूपी राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के तहत लखनऊ के पास के कई जिलों को फायदा होगा. डेवलेपमेंट अथॉरिटी के गठन से इन सभी जिलों का शहरीकरण और विकास होगा. और क्या-क्या फायदा होगा?

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19 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 20 जुलाई 2024, 02:51 PM IST)
Lucknow surrounding areas designated as Uttar Pradesh State Capital Region scr
राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना भी कर दी है. (फोटो- PTI)
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के पांच अन्य जिलों को SCR यानी ‘राज्य राजधानी क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया है. राजधानी के आसपास का 27 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र इसके तहत आएगा. कहा जा रहा है कि NCR की तर्ज पर क्षेत्र को SCR घोषित करने का फैसला लिया गया है.

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के आसपास के क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र के रूप में नामित किया है. इंडिया एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अपर मुख्य सचिव डॉक्टर नितिन रमेश गोकर्ण द्वारा जारी की गई अधिसूचना में इसकी जानकारी दी गई. बताया गया कि ये घोषणा उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण अध्यादेश, 2024 (यूपी अध्यादेश 4, 2024) के सेक्शन 3 (1) के अंतर्गत की गई है.

विकास प्राधिकरण भी बनाया गया

SCR के तहत लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी आएंगे. घोषणा के साथ ही राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना भी कर दी है. प्राधिकरण इस क्षेत्र में विकास परियोजनाओं की देखरेख करने के साथ-साथ प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने का काम करेगा.

कितना-कितना क्षेत्र?  

SCR के तहत लखनऊ का 2 हजार 528 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र होगा. 5 हजार 986 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र हरदोई का होगा. सीतापुर का 5 हजार 743 वर्ग किलोमीटर, उन्नाव का 4 हजार 558 वर्ग किलोमीटर, रायबरेली का 4 हजार 609 वर्ग किलोमीटर और बाराबंकी का 4 हजार 402 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र SCR के तहत आएगा.

यूपी सरकार की अधिसूचना.
यूपी सरकार की अधिसूचना.

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर लखनऊ के आसपास राज्य राजधानी क्षेत्र को विकसित करने का निर्णय लिया था. जिसके कुछ महीनों बाद 6 मार्च को राज्य कैबिनेट ने इस परियोजना के मसौदे को मंजूरी दे दी थी. सरकार का मानना है कि इन जिलों के सुनियोजित शहरीकरण और समान विकास के लिए SCR जरूरी है, इसी से प्रदेश में आर्थिक विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद मिलेगी. SCR आ जाने से इन क्षेत्रों में विकास से निजी क्षेत्र में रोजगार मिलने का भी रास्ता साफ होगा.

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