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"कुत्ता पगला गया, पकड़वाना है", जयपुर में आवारा जानवरों की शिकायत अब ऐसे ही होगी

नगर निगम का कहना है कि इस तरह जानवरों से परेशान व्यक्ति शिकायत कर सकता है. लेकिन नगर निगम की वेबसाइट पर ‘कंप्लेन’ ऑप्शन का नाम पढ़कर लोग मौज ले रहे हैं.

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jaipur animal management branch of greater unique way to catch stray animals users are taking dig
राजस्थान के जयपुर नगर निगम ने अपनी वेबसाइट पर इन आवारा जानवरों के बारे में जानकारी देने की ऑप्शन दिए है. (तस्वीर-इंडिया टुडे)
10 जुलाई 2024 (Updated: 10 जुलाई 2024, 22:47 IST)
Updated: 10 जुलाई 2024 22:47 IST
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देश भर में आवारा पशुओं से जुड़े हिंसा के मामले तेज़ी से बढ़े हैं. आवारा कुत्तों और बंदरों के काटने की घटनाओं से सब हलकान हैं. कुत्ता काट ले, तो क्या करें? मालिक पर FIR करा दें. जो किसी का मालिक न हो, तो? सबका मालिक एक — सरकार. लेकिन आवारा कुत्ते के काट लेने पर सरकार पर FIR तो करा नहीं सकते. सरकार से समाधान मांग सकते हैं. अलग-अलग राज्य सरकारें इसके लिए उपाय निकाल भी रही हैं. इसी एक उपाय के चक्कर में राजस्थान सरकार चर्चा में है.

दरअसल, राजस्थान के जयपुर नगर निगम ने अपनी वेबसाइट पर एक नया सेक्शन शुरू किया है. इसमें इन आवारा जानवरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं. मगर शिकायतों की जो कैटेगरीज़ बनाई हैं, जनता उसके खूब मजे ले रही है. कुल चार ऑप्शन्स हैं: 

  1. कुत्ते बहुत हो गए हैं. 
  2. बंदर बहुत हो गए हैं.
  3. सुअर बहुत हो गए हैं. 
  4. कुत्ते पागल हो गए है. पकड़वाना है.

इन चार ऑप्शन्स के अलावा ‘अदर्स’ भी है. मान लीजिए बैल बेलगाम हो गया हो. या बंदर बहुत न हुए हों, मगर उतनी ही संख्या में गले की फांस बन गए हों. या कुत्ते, बंदर और सुअर के अलावा कोई और जानवर इलाके को त्रस्त कर रहा हो. इन सभी केसों में ‘अदर्स’ के विकल्प पर जाइए.

आवारा जानवरों के ऑप्शन
आवारा जानवरों की शिकायत करने के ऑप्शन

नगर निगम का कहना है कि इस तरह जानवरों से परेशान व्यक्ति शिकायत कर सकता है. लेकिन नगर निगम की वेबसाइट पर ‘कंप्लेन’ ऑप्शन का नाम पढ़कर लोग मौज ले रहे हैं.

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जयपुर ग्रेटर नगर निगम की महापौर डॉ सौम्या गुर्जर ने कहा कि जयपुर शहर को आवारा जानवरों से मुक्त करना नगर निगम का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि वेबसाइट्स पर आम बोलचाल वाली भाषा में ऑप्शन दिए गए है. इससे कि शिकायतकर्ता को शिकायत करने में आसानी होती है. और ये अनोखे नाम आम लोगों में जल्दी पहुंचेंगे. इससे लोग शिकायत के लिए जागरूक भी होंगे. उन्होंने आगे बताया कि इन ऑप्शन पर शिकायत होने के बाद अलग-अलग टीमें पहुंच कर आवारा जानवरों का रेस्क्यू करती हैं.

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