इंडिया आए 7 चीतों के नाम तो ये हैं, लेकिन एक चीते का नाम PM मोदी ने क्या रखा?
नामीबिया से लाए गए चीते नए माहौल में घुलने-मिलने की कोशिश कर रहे हैं.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में नामीबिया से आए 8 चीतों के नामकरण को लेकर चल रही कयासबाजी अब थम गई है. 8 चीतों में से सात चीते नामीबियाई नाम से ही पहचाने जाएंगे. अब तक कयास लगाया जा रहा था कि एक चीते की तरह बाकी चीतों के नाम भी बदले जाएंगे. लेकिन, अब यह तय हो गया है कि बाकी सात चीते अपने नामीबियाई नाम से ही पहचाने जाएंगे.
आजतक से जुड़े खेमराज दुबे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक जेएस चौहान ने बताया,
PM Modi ने मादा Cheetah का क्या नाम रखा?'चीतों का जो नाम नामीबिया में रहा है, वही नाम यहां पर रहेगा. यहां पर सिर्फ एक मादा चीते का नाम रखा गया है. ये नाम भी उसे पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया है. इन चीतों के जो शावक होंगे, उन्हें भारतीय नाम दिया जाएगा.'
बीते हफ्ते नामीबिया से जब इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उस दिन कूनो पहुंचे थे. पीएम मोदी ने इस दौरान 4 साल की मादा चीता का नाम 'आशा' रखा था.
इन सभी चीतों में सबसे उम्रदराज 8 साल की मादा चीता है, जिसका नाम 'साशा' है. साशा की करीबी दोस्त का नाम 'सवानाह' है. एक अन्य फीमेल चीता का नाम 'सियाया' है. तीनों नर चीता के नाम फ्रेडी, एल्टन और ओबान हैं. एक अन्य चीता ढाई साल का है, जिसका का नाम 'तबल्सी' है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाए गए चीते पूरी तरह सहज महसूस कर रहे हैं. वे घूम फिर भी रहे हैं और खा पी भी रहे हैं. वे यहां के वातावरण में घुलने-मिलने की कोशिश कर रहे हैं. नामीबिया से आए 6 विशेषज्ञ और कूनो वन मंडल के 4 डॉक्टर लगातार चीतों पर नजर बनाए हुए हैं.
शनिवार, 17 सितंबर से मंगलवार, 21 सितंबर की रात तक चीतों का 25 से ज्यादा बार निरीक्षण किया जा चुका है. कूनो नेशनल पार्क के अफसरों ने बताया कि जब से चीतों को कंपार्टमेंट में क्वारंटाइन किया गया है, तब से उनके पास कोई नहीं गया है. बाहर से ही उनकी एक्टिविटी पर लगातार नजर रखी जा रही है.
वीडियो देखें: बैलगाड़ी खींचती विधवा मां की मदद का ये Video Viral

.webp?width=60)

