The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Koko the gorilla who could understand the sign language dies at the age of 46

कोको: वो गोरिल्ला जिसकी अपनी खींची तस्वीर मैग्जीन में छपी और दुनिया में छा गई

2 दिन पहले दुनिया की सबसे समझदार गोरिल्ला की मौत हो गई.

Advertisement
pic
23 जून 2018 (अपडेटेड: 23 जून 2018, 08:03 AM IST)
Img The Lallantop
20 जून को सोने गई कोको नींद में ही चल बसी.
Quick AI Highlights
Click here to view more
4 जुलाई 1971. सैन फ्रांसिस्को के चिड़ियाघर में एक मादा गोरिल्ला पैदा हुई. 1 साल के अंदर इसे एक साथी मिला - डॉक्टर फ्रेंसिन पैटरसन. गोरिल्ला को नाम दिया गया 'हानाबी को'. ये जापानी है जिसका मतलब होता है - आतिशबाज़ बच्चा. अमेरिका में 4 जुलाई को आतिशबाज़ी करने की परंपरा है क्यूंकि इस दिन वो आज़ादी का दिन मनाते हैं. बाद में इस गोरिल्ला का नाम कोको पड़ गया और ये इसी नाम से जानी जाने लगी. कोको इस दुनिया की सबसे समझदार गोरिल्ला थी. उसे साइन लैंग्वेज आती थी जिसमें वो तकरीबन 1000 इशारे जानती थी. नेशनल ज्योग्राफ़िक मैगज़ीन के कवर पर दो बार इसकी तस्वीर छपी. 21 जून 2018 को 46 साल की कोको की मौत हो गई. 20 जून को सोने गई कोको नींद में ही चल बसी. कोको गोरिल्ला की उस प्रजाति से थी जो विलुप्त होने की कगार पर है - वेस्टर्न लोलैंड गोरिल्ला. अक्टूबर 1978 में कोको पहली बार नेशनल ज्योग्राफ़िक के कवर पर जब आई तो वो एक अनूठी तस्वीर थी. वो शायद इस सृष्टि के इतिहास की पहली सेल्फी थी जिसे एक जानवर ने लिया था. कोको ने कैमरा अपने हाथ में लिया और सामने लगे शीशे में खुद को देखते हुए तस्वीर खींची थी. दूसरी बार जनवरी 1985 में कोको फिर से इस मैगज़ीन के कवर पर थी. इस बार उसके हाथ में कैमरा नहीं बल्कि उसकी बिल्ली थी. 1983 के क्रिसमस पर इस बिल्ली को कोको ने एक तोहफ़े के रूप में मांगा था. उसकी इस मांग के बाद पहले तो उसे सॉफ्ट टॉय्ज़ दिए गए मगर हर बार वो उन्हें लेने से इनकार कर देती और इशारों में बताती कि वो दुखी है. बाद में उसके अगले जन्मदिन पर कई बिल्ली के बच्चे दिए गए जिसमें उसने ग्रे और सफ़ेद रंग के बिलौटे को चुना और उसे अपने पास रखने लगी. कोको ने खुद उसे एक नाम दिया - ऑल बॉल. उस बिल्ली को कोको ने अपने बच्चे जैसे रखना शुरू किया. वो उसे अपने साथ लेकर चलती. एक बार तो उसने उसे अपना दूध पिलाने की भी कोशिश की.
6 महीने बाद ऑल बॉल को एक कार ने टक्कर मार दी. इसके बाद कोको बेहद दुखी हो गई और उसने दर्द में कराहने वाली आवाजें निकालनी शुरू कर दीं. इस दुख से उबरने के बाद कोको ने कई बिल्लियां पालीं. पैटरसन ने 1990 में एक किताब लिखी जिसमें कोको की बिल्लियों के बारे में कहानियां थीं - कोकोज़ किटेन. कई स्कूलों में इस किताब को बच्चों को पढ़ाया भी गया. कोको कई डाक्यूमेंट्रीज़ का हिस्सा बनी लेकिन उसका सबसे खूबसूरत वीडियो मशहूर ऐक्टर, राईटर और कमीडियन रॉबिन विलियम्स के साथ है. रॉबिन और कोको की मुलाक़ात 2001 में हुई. दोनों एक दूसरे को गुदगुदी लगा रहे थे और एक वक़्त पर कोको ने विलियम्स का चश्मा उतारा और अपने सर पर लगा लिया. 2016 में जब कोको को बताया गया कि विलियम्स की मौत हो गई है तो पैटरसन के मुताबिक़, "वो बेहद दुखी हो गई."
कोको की वो दो तस्वीरें जो नेशनल ज्योग्रफ़िक मैगज़ीन के कवर पर छपीं: koko nat geo

 ये भी पढ़ें:

पेड़ काटकर उतारी गई थी इंदिरा गांधी के छोटे बेटे की लाश!

सनी देओल के 40 चीर देने और उठा-उठा के पटकने वाले डायलॉग!

अमरीश पुरी के 18 किस्से: जिनने स्टीवन स्पीलबर्ग को मना कर दिया था!

Advertisement

Advertisement

()