K टाइप करने से तस्वीर में ऐसा क्या होता है कि अब तक 34 लाख लोग ऐसा करके देख चुके हैं?
कैप्शन में चेतावनी दी है - ध्यान रहे, कहीं आप अपना मोबाइल न फेंक दें!
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फोटो - thelallantop
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एक फेसबुक पेज है - Hutiyacasm.
इसपर 7 मार्च को रात 09 बजकर 06 मिनट पर एक तस्वीर पोस्ट की गई है. और तस्वीर के साथ कैप्शन है -
तो हमने सोचा कि क्यों न सर्च करके देखा जाए. सर्च किया तो रेडिट (reddit.com) पर ऐसी ही तस्वीर मिली
. उसमें कैप्शन था -
तुम नहीं समझोगे, कुछ-कुछ होता है!
हमने ये भी करके देखा. कोई ज़्यादा बड़ी बात नहीं हुई, चक्कर से ज़रूर आने लगे. कमेंट सेक्शन में पता चला कि इस तस्वीर का उद्देश्य ऑप्टिकल इल्यूज़न क्रिएट करना है. हमें भी कुछ-कुछ फील हुआ. ज़ूम इन - ज़ूम आउट सा कुछ.
सच एक 'धोका' है
आपको लगेगा कि गोला घूम रहा है, जबकि ऐसा है नहीं. यही ऑप्टिकल इल्यूज़न है. ऐसी एक नहीं ढेरों तस्वीरें, वीडियो वगरैह भरी पड़ी हैं. गूगल करके देखिए.
अब सवाल ये कि बंदे ऐसी ऊलजलूल तस्वीरें पोस्ट क्यों करते हैं? तो अभी आपने जाना ऑप्टिकल इल्यूज़न, अब जानते हैं एक और मज़ेदार चीज़ लाइक फार्मिंग.
. वो लिखते हैं -
इंटरनेट की दुनिया में एक-से-एक स्पैमर पड़े हुए हैं. वो लाइक और शेयर जेनरेट करने के लिए ऐसी इमोशनल चीजें पोस्ट करते हैं कि भोले लोग इग्नोर नहीं कर पाते. जैसा कि फेसबुक काम करता है, जिस पोस्ट पर जितने लाइक-शेयर होंगे, वो उतना ज्यादा लोगों की न्यूजफीड में दिखेगा.
इससे स्पैमर्स को एक जगह बहुत सारे ज्यादा लोग मिल जाते हैं. यहीं से असली फर्जीवाड़ा शुरू होता है.
जब ये पोस्ट शेयर की जाती हैं तो ये बिल्कुल खतरनाक नहीं होती. लेकिन जब ये वायरल हो जाती है तो पोस्ट एडिट करके उसमें मैलिशियस लिंक्स डाल दिए जाते हैं. इन लिंक्स के जरिये वो अपने प्रोडक्ट का प्रचार कर सकते हैं, झांसे में लेकर आपकी डिटेल्स चोरी कर सकते हैं. इसके बाद एक ट्रिक ऐसी भी है जिससे स्पैमर आपके क्रेडिट कार्ड का डेटा तक उड़ा सकता है. ऐसी पोस्ट की एडिट हिस्ट्री चेक करें तो आप अकसर उनमें बदलाव पाएंगे. वो एक ऐसी पोस्ट बन चुकी होती है जिसे लाइक करने के बारे में आप सोचते भी नहीं. ओरिजिनल पोस्ट एडिट करने के अलावा इस पोस्ट के कमेंट्स में खूब सारे स्पैम वाले लिंक्स डाल दिए जाते हैं.
बहुत सारे लोग फेसबुक पर प्राइवेसी सेटिंग ‘पब्लिक’ रखते हैं. मतलब जो लोग आपकी फ्रेंडलिस्ट में नहीं हैं, वो भी आपकी डिटेल्स देख सकते हैं, डाउनलोड कर सकते हैं. वैसे कोई यूं ही आपकी प्रोफाइल देखने नहीं आ रहा. लेकिन जब आप ‘लाइक फार्मिंग’ वाली किसी पोस्ट पर कमेंट कर आते हैं तो आप अपनी प्रोफाइल की पब्लिक डिटेल्स हजारों अनजान लोगों के सामने एक साथ एक्सपोज कर देते हैं. इससे इन तरीकों से आपका डेटा चुराया जा सकता है.
वीडियो देखें:
इसपर 7 मार्च को रात 09 बजकर 06 मिनट पर एक तस्वीर पोस्ट की गई है. और तस्वीर के साथ कैप्शन है -
K दबाएं और तस्वीर पर वापस जाएं. ध्यान रहे, कहीं आप अपना मोबाइल न फेंक दें.अब कैप्शन में तो लिखा है कि K दबाएं (Press K), लेकिन शायद कहने का मतलब है कि कमेंट में K टाइप करें. अब सबसे शॉकिंग बात ये है कि इस तस्वीर में 33 लाख से ज़्यादा लोग कमेंट करके यानी K दबाकर गए हैं. तो भिया, हमने भी ट्राई किया. लेकिन हमें ऐसा कुछ भी नज़र नहीं आया जिसे एबनॉर्मल कहा जा सके. हमने कमेंट सेक्शन में भी कोई क्लू ढूंढने की कोशिश की लेकिन 33 लाख K, के बीच में एक क्लू - न मिलिहें, न मिलिहें, न मिलिहें, न!
तो हमने सोचा कि क्यों न सर्च करके देखा जाए. सर्च किया तो रेडिट (reddit.com) पर ऐसी ही तस्वीर मिली
. उसमें कैप्शन था -
तेज़ी से ऊपर नीचे स्क्रॉल करें.
तुम नहीं समझोगे, कुछ-कुछ होता है!हमने ये भी करके देखा. कोई ज़्यादा बड़ी बात नहीं हुई, चक्कर से ज़रूर आने लगे. कमेंट सेक्शन में पता चला कि इस तस्वीर का उद्देश्य ऑप्टिकल इल्यूज़न क्रिएट करना है. हमें भी कुछ-कुछ फील हुआ. ज़ूम इन - ज़ूम आउट सा कुछ.
हमें अपनी आंखों पर बहुत भरोसा होता है तभी तो हम कहते हैं कि जब तक अपनी आंखों से नहीं देख लेंगे, यकीन नहीं करेंगे. मूवी देखी थी न? सुधीर मिश्रा की? आंखों देखी? यही कॉन्सेप्ट तो था उसमें भी. लेकिन क्या हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि जो हमने देखा वो सच है. नहीं, वो भी झूठ हो सकता है. बस यही ऑप्टिकल इल्यूज़न कहलाता है. दृष्टि भ्रम. उदाहरण के रूप में ये तस्वीर देखिए -# ऑप्टिकल इल्यूज़न -
सच एक 'धोका' है अब सवाल ये कि बंदे ऐसी ऊलजलूल तस्वीरें पोस्ट क्यों करते हैं? तो अभी आपने जाना ऑप्टिकल इल्यूज़न, अब जानते हैं एक और मज़ेदार चीज़ लाइक फार्मिंग.
हमारे पुराने साथी कुलदीप ने इसके बारे में विस्तार से लिखा है# लाइक फार्मिंग -
. वो लिखते हैं -
इंटरनेट की दुनिया में एक-से-एक स्पैमर पड़े हुए हैं. वो लाइक और शेयर जेनरेट करने के लिए ऐसी इमोशनल चीजें पोस्ट करते हैं कि भोले लोग इग्नोर नहीं कर पाते. जैसा कि फेसबुक काम करता है, जिस पोस्ट पर जितने लाइक-शेयर होंगे, वो उतना ज्यादा लोगों की न्यूजफीड में दिखेगा.
इससे स्पैमर्स को एक जगह बहुत सारे ज्यादा लोग मिल जाते हैं. यहीं से असली फर्जीवाड़ा शुरू होता है.
जब ये पोस्ट शेयर की जाती हैं तो ये बिल्कुल खतरनाक नहीं होती. लेकिन जब ये वायरल हो जाती है तो पोस्ट एडिट करके उसमें मैलिशियस लिंक्स डाल दिए जाते हैं. इन लिंक्स के जरिये वो अपने प्रोडक्ट का प्रचार कर सकते हैं, झांसे में लेकर आपकी डिटेल्स चोरी कर सकते हैं. इसके बाद एक ट्रिक ऐसी भी है जिससे स्पैमर आपके क्रेडिट कार्ड का डेटा तक उड़ा सकता है. ऐसी पोस्ट की एडिट हिस्ट्री चेक करें तो आप अकसर उनमें बदलाव पाएंगे. वो एक ऐसी पोस्ट बन चुकी होती है जिसे लाइक करने के बारे में आप सोचते भी नहीं. ओरिजिनल पोस्ट एडिट करने के अलावा इस पोस्ट के कमेंट्स में खूब सारे स्पैम वाले लिंक्स डाल दिए जाते हैं.
बहुत सारे लोग फेसबुक पर प्राइवेसी सेटिंग ‘पब्लिक’ रखते हैं. मतलब जो लोग आपकी फ्रेंडलिस्ट में नहीं हैं, वो भी आपकी डिटेल्स देख सकते हैं, डाउनलोड कर सकते हैं. वैसे कोई यूं ही आपकी प्रोफाइल देखने नहीं आ रहा. लेकिन जब आप ‘लाइक फार्मिंग’ वाली किसी पोस्ट पर कमेंट कर आते हैं तो आप अपनी प्रोफाइल की पब्लिक डिटेल्स हजारों अनजान लोगों के सामने एक साथ एक्सपोज कर देते हैं. इससे इन तरीकों से आपका डेटा चुराया जा सकता है.
– आपका फोन नंबर या ईमेल लेकर उसे स्पैम किया जा सकता है. किसी नए प्रोडक्ट बेचने वाले SMS और कॉल्स से.
– आपकी तस्वीरें चुराई जा सकती हैं. ख़ास तौर से महिलाओं की. उनका आगे ‘लाइक फार्मिंग’ वाली पोस्ट में इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्हें मॉर्फ किया जा सकता है.
तो दोस्तों हम झूठ नहीं बोलेंगे. विद्या रानी की कसम. हमें इस पोस्ट में कुछ भी ऐसा एक्सेप्शनल अनुभव नहीं हुआ. आप देखिए क्या पता आपको कुछ पता चले. और अगर पता चले तो अवगत कीजिएगा कमेंट में. और हां प्लीज़ K मत टाइप कीजिएगा.# और अंत में -
वीडियो देखें:
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