The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Khaleda Zia to walk out of jail as rival Sheikh Hasina flees Bangladesh

इधर शेख हसीना ने बांग्लादेश छोड़ा, उधर 'भारत विरोधी' खालिदा जिया की रिहाई हो गई

खालिदा जिया को भ्रष्टाचार के एक मामले में 17 साल की सजा सुनाए जाने के बाद साल 2018 में जेल भेज दिया गया था.

Advertisement
pic
5 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 5 अगस्त 2024, 11:47 PM IST)
Khaleda Zia to walk out of jail as rival Sheikh Hasina flees Bangladesh
78 वर्षीय खालिदा अस्वस्थ हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. (फोटो- इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

बांग्लादेश में शेख़ हसीना के इस्तीफ़े और देश छोड़ कर भागने के बाद से कई डेवलपमेंट्स सामने आ रहे हैं. शेख़ हसीना फिलहाल भारत में हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वो लंदन में शरण लेंगी. पड़ोसी मुल्क में तेज़ी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच एक और बड़ी खबर आई है. बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने आदेश दिया है कि जेल में बंद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को तुरंत रिहा किया जाएगा (Khaleda Zia to walk out of jail).

इंडिया टुडे से जुड़ीं पूर्वा जोशी की रिपोर्ट के मुताबिक विपक्षी पार्टी के सदस्यों के साथ हुई बैठक में ये निर्णय लिया गया है. इसको लेकर एक प्रेस रिलीज जारी की गई है. बताया गया कि राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया को तुरंत रिहा करने का निर्णय बैठक में सर्वसम्मति से लिया है.

रिपोर्ट के अनुसार मीटिंग में आर्मी चीफ जनरल वकार-उज़-ज़मान, नौसेना और वायुसेना चीफ के साथ-साथ BNP, जमात-ए-इस्लामी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए थे. प्रेस रिलीज में बताया गया,

“मीटिंग में छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को रिहा करने का भी निर्णय लिया गया है.”    

बता दें कि खालिदा जिया मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख हैं, जो हसीना की अवामी लीग की मुख्य विपक्षी पार्टी है. जेल में बंद इस नेता को शेख हसीना का कट्टर विरोधी माना जाता है. उनके कार्यकाल में बांग्लादेश से भारत के रिश्ते मधुर नहीं रहे. जिया को भ्रष्टाचार के एक मामले में 17 साल की सजा सुनाए जाने के बाद साल 2018 में जेल भेज दिया गया था. 78 वर्षीय खालिदा अस्वस्थ हैं और अस्पताल में भर्ती हैं.

आर्मी चीफ ने क्या कहा?

इमरजेंसी में बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख जनरल वकार-उज़-ज़मान ने जानकारी दी कि देश जिस नाज़ुक समय से गुज़र रहा है, उसके मद्देनजर उन्होंने कमान अपने हाथ में ले ली है. वकार ने कहा,

"हमने सभी के साथ चर्चा की. प्रधानमंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है... देश में शांति और व्यवस्था बनाए रखें. मुझ पर भरोसा करें. हम सब मिलकर काम करेंगे. हिंसा से कुछ हासिल नहीं होने वाला. हम मिलकर सभी मुद्दों को सुलझा सकते हैं... मैंने सेना और पुलिस को आदेश दिया है कि वो गोली न चलाएं. हम आज रात तक समाधान निकालने की कोशिश करेंगे.

मैं अब ज़िम्मेदारी ले रहा हूं. हम राष्ट्रपति के पास जाएंगे और देश का नेतृत्व करने के लिए एक अंतरिम सरकार बनाने के लिए कहेंगे."

उन्होंने कहा कि स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रण में लाने के लिए सभी को सेना की मदद करनी पड़ेगी.

बांग्लादेशी न्यूज़ संगठन यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ बांग्लादेश की रिपोर्ट के मुताबिक़, प्रेस कॉन्फ़्रेंस से पहले सेना प्रमुख ने सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और कुछ विपक्षी नेताओं के साथ भी बैठक की थी. कथित तौर पर बैठक में हसीना की पार्टी अवामी लीग से कोई नहीं था.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: बांग्लादेश की पीएम शेख़ हसीना ने भारत आना ही क्यों चुना?

Advertisement

Advertisement

()