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राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह का मर्डर, घर में घुसकर बम-गोलियों से किया हमला

राजू की हत्या का अतीक अहमद पर चल रहा केस

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24 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 24 फ़रवरी 2023, 08:16 PM IST)
raju pal case umesh pal murder
फोटो: आजतक
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बसपा विधायक रहे राजू पाल मर्डर (Raju pal murder case) केस के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई है. उनकी सुरक्षा में 2 गनर लगे थे, जिनमें से एक की मौत हो गई है.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार, 24 फरवरी को ये हमला तब हुआ, जब उमेश कोर्ट से वापस लौट रहे थे. बताते हैं कि उमेश पाल जैसे ही अपने घर के पास पहुंचे, वैसे ही बदमाशों ने पहले तो उनकी कार पर गोलियों से हमला किया. फिर जब उमेश अपने गनर के साथ कार से निकले और अपने घर की ओर भागे, तो बदमाशों ने उन पर बम फेंके. 

स्थानीय लोगों ने तीनों को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज के दौरान उमेश पाल और उनके गनर संदीप मिश्रा की मौत हो गई. दूसरे गनर राघवेंद्र सिंह का इलाज चल रहा है. उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. फिलहाल हमलावरों के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है.

परिवार ने लिया अतीक अहमद का नाम

आजतक से जुड़े आनंद राज की रिपोर्ट के मुताबिक उमेश के परिवार वालों का आरोप है कि गैंगस्टर अतीक अहमद के इशारे पर ये हमला हुआ है. हमले के बाद मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं. CCTV खंगाल कर पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि हमलावर कौन थे.

राजू पाल की हत्या

यूपी में साल 2004 के आम चुनाव में फूलपुर से सपा के टिकट पर अतीक अहमद को सांसद चुना गया था. इसके बाद इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट खाली हो गई थी. इस सीट पर हुए उपचुनाव में सपा ने अतीक के छोटे भाई अशरफ को टिकट दिया था. लेकिन, बसपा ने उसके सामने राजू पाल को खड़ा किया. उस उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी राजू पाल ने अतीक अहमद के भाई को हरा दिया था.

उपचुनाव में जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने राजू पाल की कुछ महीने बाद ही 25 जनवरी, 2005 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड में देवी पाल और संदीप यादव की भी मौत हुई थी. दो अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस हत्याकांड में सीधे तौर पर सांसद अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ का नाम सामने आया था. उमेश पाल इस जानलेवा हमले के मुख्य गवाह थे.

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