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मुगल, गांधी-गोडसे पर बदला था सिलेबस, अब इस सरकार का ये फैसला NCERT को बुरा लगेगा!

सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.

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26 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 26 अप्रैल 2023, 10:46 AM IST)
Kerala SCERT to teach deleted parts of NCERT Syllabus RSS Gandhi Godse
केरल में पुराना सेिलेबस भी पढ़ाया जाएगा. (फोटो- इंडिया टुडे)
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NCERT सिलेबस में बदलाव (NCERT Syllabus Change) के बाद केरल के SCERT यानी, स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (Kerala SCERT) ने एक बड़ा फैसला लिया है. केरल SCERT कक्षा 11वीं और 12वीं के सिलेबस से हटाए गए हिस्से को भी स्कूलों में पढ़ाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि केरल SCERT की करिकुलम कमेटी ने ये फैसला लिया है. कमेटी ने NCERT की किताबों से हटाए गए सिलेबस को छात्रों को पढ़ाने का फैसला किया है. कमेटी के मुताबिक, स्कूलों में मुख्य रूप से हिस्ट्री का पुराना सिलेबस भी पढ़ाया जाएगा. इसके लिए कमेटी ने सप्लीमेंट्री किताबें छापने का फैसला किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, SCERT की करिकुलम कमेटी ने राज्य के शिक्षा मंत्री से इस प्रस्ताव पर आखिरी फैसला लेने को कहा है. पुराने सिलेबस को पढ़ाए जाने को लेकर SCERT सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि सिलेबस में बदलाव को लेकर राज्य सरकार कड़ा रुख अपना रही है. राज्य शिक्षा विभाग करिकुलम कमेटी के फैसले को लागू करने पर विचार कर रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक, NCERT ने कक्षा छह से लेकर 12वीं तक के करिकुलम में बदलाव किया है. लेकिन केरल में 11वीं और 12वीं क्लास ही केवल NCERT के सिलेबस पर निर्भर रहती हैं. इस वजह से बाकी कक्षाओं के सिलेबस में कोई अंतर नहीं आएगा.

NCERT सिलेबस चेंज

NCERT ने बदले हुए सिलेबस की नई किताबें बाजार में लॉन्च की थीं. सिलेबस में ये बदलाव पिछले साल ही तय कर लिए गए थे. लेकिन नई किताबों में कई टॉपिक्स हटाए गए हैं, जिनको लेकर कई सवाल उठे थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NCERT की किताबों में महात्मा गांधी, नाथूराम गोडसे और RSS से जुड़ी कुछ जानकारियों को हटा दिया गया है. मुख्य तौर पर इन टॉपिक्स को हटाया गया-

# गांधी उन लोगों द्वारा विशेष रूप से नापसंद थे जो चाहते थे कि हिंदू बदला लें या जो चाहते थे कि भारत हिंदुओं के लिए एक देश बने, ठीक वैसे ही जैसे पाकिस्तान मुसलमानों के लिए था...
# हिंदू-मुस्लिम एकता के उनके दृढ़ प्रयास ने हिंदू चरमपंथियों को इतना उकसाया कि उन्होंने गांधीजी की हत्या के कई प्रयास किए...
# गांधीजी की मृत्यु का देश में साम्प्रदायिक स्थिति पर बड़ा प्रभाव पड़ा... भारत सरकार ने साम्प्रदायिक नफरत फैलाने वाले संगठनों पर नकेल कसी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठनों पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया…
# गोडसे, पुणे का ब्राह्मण था.
# गोडसे एक चरमपंथी हिंदू अखबार का संपादक था, जिसने गांधीजी को 'मुसलमानों का तुष्टिकरण करने वाला' बताया था.

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