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केरल: BJP नेता की हत्या के मामले में 15 दोषी, PFI से जुड़े थे हमलावर

दिसंबर 2021 में 24 घंटे के अंदर पहले SDPI के एक नेता की हत्या हुई, फिर BJP के नेता रंजीत की. रंजीत की हत्या के आरोप में अब कोर्ट ने फैसला दिया है. दोषियों को 22 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी.

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20 जनवरी 2024 (अपडेटेड: 30 जनवरी 2024, 01:33 PM IST)
BJP leader kerala pfi convicted
BJP लीडर रंजीत श्रीनिवासन (बाएं) और PFI के जुलूस की सांकेतिक तस्वीर (फोटो सोर्स- इंडिया टुडे)
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केरल की एक अदालत (Kerala Court) ने 15 लोगों को साल 2021 में एक BJP नेता की हत्या के मामले में दोषी करार दिया है. रंजीत श्रीनिवासन BJP के OBC मोर्चा के राज्य सचिव थे. केरल के अलप्पुझा में 19 दिसंबर, 2021 को परिवार के सामने बेरहमी से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी गई थी. कोर्ट ने अब इस मामले में जिन 15 लोगों को दोषी करार दिया है वो प्रतिबंधित इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया PFI से जुड़े हैं.

क्या था पूरा मामला?

द हिंदू की एक खबर के मुताबिक, 18 दिसंबर 2021 को केरल के मन्नानचेरी में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) के राज्य सचिव केएस शान की हत्या कर दी गई थी. पुलिस के मुताबिक, शान 18 दिसंबर की शाम करीब 7.30 बजे मोटरसाइकिल से घर जा रहे थे. तभी एक कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी और कार से बाहर आए लोगों ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया. कुछ घंटे बाद कोच्चि के एक अस्पताल में शान की मौत हो गई. उनके शरीर पर 40 से ज्यादा चोट के निशान थे. SDPI का आरोप था कि शान की हत्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कुछ लोग शामिल थे. घटना के बाद पुलिस ने अलप्पुझा के मन्नानचेरी इलाके के राजेंद्र प्रसाद और कुट्टन नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया. जबकि घटना में शामिल कुल 10 लोगों की पहचान की गई थी.

शान की मौत के बाद 12 घंटे भी नहीं बीते, अगले दिन सुबह ही रंजीत श्रीनिवासन की उनके घर के सामने हत्या कर दी गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर परिवार के सामने पीट-पीटकर उनकी जान ले ली. BJP ने रंजीत की हत्या के लिए SDPI को जिम्मेदार ठहराया. पुलिस ने घटनास्थल से SDPI की एक एम्बुलेंस भी बरामद की.

SDPI को PFI की पॉलिटिकल विंग माना जाता है. इंडिया टुडे की एक इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट के मुताबिक, PFI पर बैन लगने के बाद उसके कई नेता, SDPI में शामिल हो गए. SDPI से जुड़े चांद पाशा ने इंडिया टुडे से बात करते हुए क़ुबूल किया था कि, 'PFI का कैडर अब SDPI में बदल गया है. PFI केवल मुस्लिम संगठन है जबकि SDPI में दलित और हिंदू भी शामिल हैं.'

कोर्ट का फैसला

24 घंटे से कम वक़्त में SDPI और BJP के नेताओं की हत्या से केरल में तनाव बढ़ गया था. दोनों ही नेता साल 2016 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे. शान ने साल 2019 में अलप्पुझा से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था. घटना के बाद, अलप्पुझा में धारा 144 लगा दी गई. और रंजीत की हत्या में करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया था. मामला अदालत में गया और अब जिला सेशन कोर्ट, मवेलिककारा ने इस पर अपना फैसला सुनाया है.

आउटलुक में छपी एक खबर के मुताबिक, कोर्ट ने PFI से जुड़े 15 लोगों को रंजीत की हत्या का दोषी पाया है. इनमें से 8 ऐसे हैं, जिन्हें हत्या की धारा 302 के तहत दोषी पाया गया है. इनके नाम हैं- अजमल, अनूप, मोहम्मद असलम, अब्दुल कलाम उर्फ सलाम, अब्दुल कलाम, सफरुद्दीन, मनशाद और जसीब राजा. बाकी आरोपियों, नवास, समीर, नजीर, अब्दुल कलाम, जाकिर हुसैन, शाजी और शेरनस अशरफ को भी मामले में दोषी पाया गया है. इन सभी के लिए सजा का ऐलान 22 जनवरी को किया जाएगा.

वीडियो: PFI बैन होने के बाद क्या बदल जाएगा?

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