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स्कूल प्रिंसिपल ने बच्चे की आंख पर ऐसा डंडा मारा, दो ऑपरेशन के बाद भी रौशनी नहीं लौटी है

पीड़ित छात्र आदित्य का इलाज चित्रकूट के सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में कराया गया. डॉक्टरों ने उसका दो बार ऑपरेशन किया. लेकिन आदित्य की आंख ठीक नहीं हुई.

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24 सितंबर 2024 (पब्लिश्ड: 08:30 PM IST)
Kaushambi school principal throws stick at student who loses his vision
आदित्य की मां ने बताया कि गंभीर जख्म होने के कारण डॉक्टरों ने उसकी आंख में रोशनी आने से इंकार कर दिया. (फोटो- वीडियो स्क्रीनग्रैब)
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उत्तर प्रदेश के कौशांबी (Kaushambi) में एक छात्र के साथ शिक्षक की क्रूरता का मामला सामने आया है. शिक्षक ने बच्चे पर डंडा फेंक कर मार दिया. इससे कथित तौर पर छात्र की बाईं आंख की रौशनी चली गई है. घटना कुछ महीने पहले की है जिसकी जानकारी अब सामने आई है. बताया गया है कि दो बार ऑपरेशन होने के बाद भी बच्चे की आंख की रौशनी वापस नहीं आई है. मामले में पीड़ित छात्र की मां ने न्याय के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) से गुहार लगाई है.

मामला कौशांबी के विकास खंड मंझनपुर के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय का है. आजतक से जुड़े अखिलेश कुमार की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के प्रिंसिपल का नाम शैलेंद्र तिवारी है. उन पर छात्र के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने का आरोप है. वहीं बच्चे का नाम आदित्य कुशवाहा है. उसकी मां ने बताया,

“मेरा बेटा आदित्य नेवारी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में छठी क्लास में पढ़ता है. 9 मार्च के दिन जब वह स्कूल पढ़ाई करने गया तो किसी बात से नाराज प्रधानाचार्य ने आदित्य को डंडा फेंक कर मार दिया. डंडा उसकी बाईं आंख में जा लगा. इससे उसकी आंख से खून आने लगा.”

आदित्य की मां ने आगे बताया कि उन्होंने पुलिस से घटना की शिकायत की थी, लेकिन उनको ‘अनसुना’ कर दिया गया. पीड़ित छात्र की मां ने ये भी बताया कि मामले में समझौते के लिए स्कूल प्रिंसिपल ने उनके परिवार को ‘10 लाख रुपये का फर्जी चेक’ भी दिया था.

इधर मामला सामने आने के बाद कौशंबी में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने महिला की शिकायत पर जांच के आदेश दिए. 15 अप्रैल को जांच रिपोर्ट सामने आई, जिसमें सभी आरोप सही पाए गए. कथित तौर पर इसके बावजूद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई.

पीड़ित छात्र आदित्य का इलाज चित्रकूट के सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में कराया गया. डॉक्टरों ने उसका दो बार ऑपरेशन किया. लेकिन आदित्य की आंख ठीक नहीं हुई. आदित्य की मां ने बताया कि गंभीर जख्म होने के कारण डॉक्टरों ने उसकी आंख में रौशनी आने से इनकार कर दिया. इसके बाद न्याय के लिए पीड़ित छात्र की मां ने सीडब्ल्यूसी का दरवाजा खटखटाया.

मामला डीएम के संज्ञान में आया तो 23 सितंबर को आरोपी शैलेन्द्र तिवारी के खिलाफ धारा 326 के तहत केस दर्ज किया गया. वहीं बीएसए कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है. इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी टीचर के खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी. 

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