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कर्नाटक में गाय की तस्करी के शक पर मुस्लिम व्यक्ति की हत्या, 'गोरक्षकों' के खिलाफ केस दर्ज

"गाड़ी रोककर आरोपी कहने लगे- पाकिस्तान जाओ."

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2 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 2 अप्रैल 2023, 09:14 PM IST)
Karnataka Man killed by Cow vigilantes
मंड्या में पाशा की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन, आरोपी पुनीत कारेहल्ली (फोटो- ANI/ Facebook)
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कर्नाटक के रामनगर में जानवरों की चोरी के संदेह पर एक मुस्लिम व्यक्ति की हत्या कर दी गई. हत्या का आरोप स्थानीय गौरक्षकों पर लगा है. मृतक व्यक्ति की पहचान इदरीस पाशा के रूप में हुई है. 35 साल के पाशा एक पशु व्यापारी थे और मंड्या जिले के रहने वाले थे. गौरक्षकों पर आरोप है कि पाशा के दो और साथियों इरफान और सैयद जहीर के साथ भी मारपीट की गई. पुलिस ने राष्ट्र रक्षा पडे (राष्ट्रीय रक्षा सेना) नाम का संगठन चलाने वाले दक्षिणपंथी कार्यकर्ता पुनीत कारेहल्ली और 4 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च की रात इदरीस पाशा, सैयद जहीर और इरफान जानवरों को बेचने के लिए तमिलनाडु और केरल जा रहे थे. जहीर ने बताया कि वे अक्सर साप्ताहिक मेले में जानवरों को बेचने जाते हैं. लेकिन 31 मार्च की देर रात पुनीत कारेहल्ली और उसके साथियों ने गाड़ी को सथानूर पुलिस स्टेशन के ठीक सामने रोक लिया. इसके बाद सभी उन तीनों के साथ मारपीट करने लगे.

"पीटे जाने के कारण मौत हुई"

पुलिस के एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि गाड़ी रोकने वाले कुछ लोग पाशा और इरफान का पीछा करने लगे. वहीं दो लोग जहीर के साथ गाड़ी के पास ही मारपीट करने लगे. लेकिन एक पुलिस कॉन्स्टेबल के आने के बाद उन्होंने जहीर को छोड़ दिया. बाद में जहीर को पुलिस स्टेशन ले जाया गया. पुलिस सूत्र ने बताया कि पाशा ने गौरक्षकों को कागज भी दिखाया कि उन्होंने लोकल मार्केट से जानवर खरीदे हैं. लेकिन इसके बावजूद वे सभी उनके साथ मारपीट करते रहे. मारपीट के कारण पाशा बेहोश गए. पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि पाशा की मौत बुरी तरह पीटे जाने के कारण हुई है.

सैयद जहीर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि गौरक्षकों ने उन्हें रोककर कहने लगे- पाकिस्तान जाओ. जहीर के मुताबिक गाड़ी में जानवर किसी और के थे, वे और पाशा गाड़ी ड्राइव कर रहे थे. इरफान लोड करने और उतारने में मदद कर रहा था. उन्होंने आगे बताया, 

"पाशा और इरफान वहां से भागने लगे लेकिन मैं वहीं रुक गया. लेकिन एक पुलिस कॉन्स्टेबल वहां आ गया और मुझे अंदर ले गया. एक अप्रैल की सुबह पुलिस वाले ने पाशा की फोटो दिखाकर पूछा कि क्या मैं उसे जानता हूं. मैं उनको बताया कि वह मेरे साथ ही था जब ये घटना हुई थी. उन्होंने बताया कि वह (पाशा) मर गया है."

पाशा का शव सथानूर पुलिस स्टेशन से कुछ मीटर की दूरी पर ही मिला था. पाशा के परिवारवालों ने एक अप्रैल को पुलिस के खिलाफ विरोध किया. परिवारवालों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. 2 अप्रैल को भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मंड्या में भारी विरोध प्रदर्शन किया.

पुनीत के खिलाफ पहले भी केस दर्ज हुए 

जहीर की शिकायत के बाद पुनीत कारेहल्ली और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया. इन सभी के खिलाफ हत्या, मारपीट, शांति भंग करने के आरोप में केस दर्ज हुआ है. हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इससे पहले कारेहल्ली ने भी जहीर, पाशा और इरफान के खिलाफ भी केस दर्ज करवा दिया था. इन सभी के खिलाफ कर्नाटक गोहत्या रोकथाम कानून और दूसरे कानूनों के खिलाफ केस दर्ज हुआ.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि पुनीत कारेहल्ली के खिलाफ कर्नाटक में पहले से कई केस दर्ज है. वो हासन जिले का रहने वाला है. पहले भी उसने कर्नाटक में हलाल के खिलाफ और हिंदू मंदिर में लगे मेलों में मुस्लिम व्यापारियों को बैन करने का कैंपेन चलाया था.

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