कृषि कानून वापस लाने की बात पर कंगना का यू-टर्न, चौतरफा घिरने के बाद क्या सफाई दी?
Kangana Ranaut ने Farmers Law पर दिए गए अपने बयान को वापस ले लिया है. उनके बयान की काफी आलोचना हो रही थी. BJP ने उनके बयान से किनारा कर लिया था.

मंडी से BJP सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने निरस्त किए जा चुके तीन कृषि कानूनों (Kangana Ranaut Farmers Law) पर दिए गए अपने बयान को वापस ले लिया है. इस बयान की वजह से वो चौतरफा घिर गई थीं. विपक्षी पार्टियां जहां कंगना पर निशाना साध रही थी, वहीं बीजेपी ने कंगना के बयान से किनारा कर लिया था. पार्टी ने इसे उनका निजी बयान बताया था. ऐसे में विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने अब अपने बयान को वापस ले लिया है.
कंगना रनौत ने 25 सितंबर को अपने ऑफिशियल X हैंडल पर एक वीडियो शेयर कर कहा,
“बीते कुछ दिनों में मीडिया ने किसान कानून से संबंधित कुछ सवाल किए और मैंने सुझाव दिया कि किसानों को किसान कानून वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री जी से निवेदन करना चाहिए. हालांकि, मेरी इस बात से बहुत से लोग निराश हैं. जब ये कानून आया था तब बहुत से लोगों ने समर्थन किया था, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री जी ने बड़ी संवेदनशीलता और सहानूभूति से वापस ले लिया था.”
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कंगना ने आगे कहा,
विवाद क्या था?“मुझे ये बात भी ध्यान रखनी होगी कि मैं अब एक कलाकार नहीं, भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता हूं. मेरे विचार अपने नहीं होने चाहिए, मेरी पार्टी का स्टैंड होना चाहिए. अगर मैंने अपने शब्दों से और अपनी सोच से किसी को निराश किया है तो मुझे खेद रहेगा. मैं अपने शब्द वापस लेती हूं.”
दरअसल, कंगना ने 23 सितंबर को मंडी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था,
कांग्रेस ने साधा निशाना"किसानों के जो कानून निरस्त हो गए हैं, वो फिर से लाने चाहिए. हो सकता है कि ये विवादास्पद हो जाए. लेकिन मुझे लगता है किसानों के हितकारी कानून वापस आने चाहिए. किसानों को खुद इसकी डिमांड करनी चाहिए...ताकि हमारे किसानों की समृद्धि में ब्रेक न लगे.”
कंगना के इस बयान पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. पार्टी ने X हैंडल पर कंगना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा,
“किसानों पर लादे गए 3 काले कानून वापस लाने चाहिए. BJP की सांसद कंगना रनौत ने ये बात कही. देश के 750 से ज्यादा किसान शहीद हुए, तब जाकर मोदी सरकार की नींद टूटी और ये काले कानून वापस हुए. अब BJP के सांसद फिर से इन कानून की वापसी का प्लान बना रहे हैं. कांग्रेस किसानों के साथ है. इन काले कानून की वापसी अब कभी नहीं होगी, चाहे नरेंद्र मोदी और उनके सांसद जितना जोर लगा लें.”

कंगना के इस बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया था. बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा,
“सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार के जरिए वापस लिए गए कृषि बिलों पर भाजपा सांसद कंगना रनौत का बयान वायरल हो रहा है. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान उनका निजी बयान है. कंगना रनौत भाजपा की ओर से ऐसा बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं और यह कृषि बिलों पर भाजपा के दृष्टिकोण को नहीं दर्शाता है. हम इस बयान को अस्वीकार करते हैं.”
इसके बाद कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया था कि किसान कानूनों पर उनके विचार निजी हैं और वे उन विधेयकों पर पार्टी के रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं. बताते चलें कि मोदी सरकार की ओर से साल 2020 में तीन कृषि कानून लाए गए थे. जिसके बाद किसानों ने लंबे समय तक इन कानूनों का विरोध किया था. ऐसे में सरकार ने नवंबर, 2021 में इन कानूनों को वापस लेने का एलान किया था और फिर उन्हें रद्द कर दिया गया था.
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