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पलामू में क्या हुआ? किस वजह से भिड़े दो समुदाय, पूरी कहानी 6 पॉइंट्स में

पलामू के पांकी कस्बे में सड़कों पर केवल ईंट-पत्थर ही दिख रहे हैं

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jharkhand palamu Clash
पलामू के पांकी में बुधवार को हिंसा हुई | फोटो: आजतक
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अभय शर्मा
16 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 16 फ़रवरी 2023, 03:13 PM IST)
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एक खबर आई ऐसी, झकझोर गई दिल को. क्योंकि इससे वो ताना-बाना उधड़ गया, जो बुना गया था इंसान को इंसान के करीब लाने के लिए. एक साथ बैठकर सुख-दुःख बतियाने के लिए. अब तक आप समझ ही गए होंगे, बात कहां की हो रही है. झारखंड का पलामू जल रहा है. यहां दो समुदाय आपस में लड़ गए हैं. क्या हुआ? कैसे हुआ? सब कुछ आपको शुरू से बताते हैं.

1- झारखंड का पलामू जिला, यहां एक छोटा सा कस्बा है, नाम है- पांकी. महाशिवरात्रि का त्यौहार आने वाला है, अगले शनिवार, 18 फरवरी को. पांकी बाजार में महाशिवरात्रि के लिए तोरण द्वार लगाया जा रहा था. इसी दौरान दो समुदायों में कहासुनी हो गई.

2- पुलिस के मुताबिक तोरण द्वार से दूसरा पक्ष इसलिए नाराज हो गया, क्योंकि वो उनके धर्म स्थल के सामने लगाया गया था. कुछ लोगों ने द्वार को तोड़ दिया. इसके बाद कहासुनी मारपीट में बदल गई और अंत में इलाके में हिंसा शुरू हो गई.

3- दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई. आरोप है कि इलाके की मस्जिद से पत्थर फेंके गए, दूसरे पक्ष ने भी मस्जिद पर पत्थर चलाए. मस्जिद के बाहर बनीं कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई, आग लगा दी गई. कुछ बाइक्स में आग लगा दी और सड़क किनारे लगे ठेलों में तोड़फोड़ की गई. एक घर में भी आग लगाने की कोशिश की गई.

4- घटना की सूचना पर पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं. इस दौरान झड़प में कुछ जवान भी घायल हो गए. मामले में छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

5- इस घटना के बाद जिले के आला अधिकारी पांकी थाने में कैंप कर रहे हैं. जिले के उपायुक्त ए डोडे, एसपी चंदन सिन्हा और प्रक्षेत्र के आईजी राजकुमार लकड़ा पांकी थाने से स्थिति पर नजर रख रहे हैं. आईजी राजकुमार लकड़ा और उपायुक्त ए डोडे व एसपी चंदन सिन्हा ने कहा कि घटना में पुलिस के 6 जवान हिंसा को नियंत्रित करते समय घायल हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि इलाके में शिवरात्रि तक फोर्स की तैनाती रहेगी.

6- पुलिस ने इलाके में धारा-144 लगाकर लोगों को सार्वजनिक स्थान पर अनावश्यक भीड़ लगाने और एक साथ एक जगह पर बैठने पर रोक लगा दी है. इसके अलावा प्रशासन ने सुरक्षा बनाए रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद करा दी हैं. राज्य सरकार के गृह विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया है कि 16 फरवरी की शाम चार बजे तक इंटरनेट सेवा बंद रखें. उम्मीद की जा रही है कि तब तक माहौल बेहतर हो जाएगा.

वीडियो: जैन धर्म के लोग झारखंड सरकार के किस फैसले से नाराज, जिस पर विवाद चल रहा

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