रामनवमी की आग नहीं हुई शांत! अब इस राज्य में झंडे के अपमान के बाद भड़की हिंसा
पुलिस ने धारा-144 लगाई

झारखंड में रामनवमी के बाद एक बार फिर हिंसा भड़क उठी. हिंसा जमशेदपुर के शास्त्री नगर में हुई (Jharkhand Jamshedpur Violence). यहां एक धार्मिक झंडे के कथित अपमान के बाद दो गुटों के बीच पथराव हुआ फिर जमकर आगजनी. मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. फिलहाल प्रशासन ने क्षेत्र में धारा-144 लागू कर दी है.
आजतक से जुड़े अनूप सिन्हा के मुताबिक कथित तौर पर शास्त्री नगर के ब्लॉक नंबर 3 स्थित जटाधारी हनुमान अखाड़े का झंडा उतारा गया. बताया जाता है कि झंडे के बांस में मांस का टुकड़ा पाया गया. ये देखकर हिंदूवादी संगठन भड़क उठे. उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. इसके बाद दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए. हालांकि, उस समय प्रशासन ने किसी तरह मामला शांत करा दिया. इसके बाद रविवार, 9 अप्रैल को मंदिर कमेटी के लोग बैठक कर रहे थे, तभी दोनों समुदायों के बीच झड़प हो गई और पत्थरबाजी शुरू हो गई.
उपद्रवियों ने दुकानों में आग लगा दी. कई वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. हालात की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर फिर पहुंच गई. पुलिस ने उपद्रवियों को नियंत्रित करने की कोशिश की. इस दौरान उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हिंसक झड़प में 6 पुलिसकर्मी जख्मी भी हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है.
पुलिस उपायुक्त विजया जाधव ने बताया,
जमशेदपुर एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया,
झारखंड में इससे पहले 31 मार्च की रात को जमशेदपुर के हल्दीपोखर में रामनवमी पर जमकर पथराव हुआ था. यहां रामनवमी का जुलूस जब जुगसलाई इलाके में पहुंचा तो कुछ लोगों में कहासुनी हो गई और पथराव शुरू हो गया. देखते ही देखते तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई. लोगों ने टायर जलाए और पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी. हिंसा में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
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