The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Jammu Kashmir Constable Family Shifted to Punjab For Repatriation to Pakistan After Pahalgam Attack

26 सालों से पुलिस में, अब सरकार का आदेश आया- आप तो पाकिस्तानी हो वापस जाइए...

जम्मू-कश्मीर में पुलिस कांस्टेबल इफ्तिखार अली, उनके तीन भाई और पांच बहनों को पंजाब भेजा गया है. अली की पत्नी ने बताया कि उनके पिता को पाकिस्तान भेजने के लिए ले जाया गया है.

Advertisement
pic
1 मई 2025 (अपडेटेड: 1 मई 2025, 09:35 AM IST)
Pak Citizens Going Back
29 अप्रैल को कई पाकिस्तानी नागरिकों को अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस पाकिस्तान भेजा गया. (फाइल फोटो: PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

एक पुलिसकर्मी सहित नौ लोगों के परिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हिरासत में ले लिया गया. इसके बाद 30 अप्रैल को उन्हें पाकिस्तान भेजने (Repatriation to Pakistan) के लिए पंजाब ले जाया गया. इस दौरान जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के एक आदेश को नजरअंदाज किया गया. क्या था ये आदेश? आइए जानते हैं.

इन लोगों को पाकिस्तान भेजने की नौबत इसलिए आ रही है, क्योंकि पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की सैकड़ों महिलाओं ने जम्मू-कश्मीर के निवासियों से शादी की है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है. इसके बाद से ऐसे परिवारों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर में पुलिस कांस्टेबल इफ्तिखार अली, उनके तीन भाई और पांच बहनों को पंजाब भेजा गया है. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक कांस्टेबल इफ्तिखार अली इस समय भी जम्मू-कश्मीर पुलिस में सेवा दे रहे हैं और फिलहाल माता वैष्णो देवी मंदिर के कटरा बेस कैंप में तैनात हैं. अली की पत्नी ने द हिंदू बताया कि उनके तीन बच्चे हैं और उनके पिता को पाकिस्तान भेजने के लिए ले जाया गया है. उन्होंने आगे कहा कि अली ने 26 सालों तक जम्मू-कश्मीर पुलिस में काम किया, ऐसे में वो अब पाकिस्तानी कैसे बन गए.

हाईकोर्ट ने क्या कहा था?

इस परिवार ने 29 अप्रैल को इस तरह की कार्रवाई पर रोक के लिए जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का रुख किया था. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को जम्मू-कश्मीर छोड़ने के लिए न कहा जाए और न ही मजबूर किया जाए. जस्टिस राहुल भारती ने पुंछ के डिप्टी कमिश्नर को ये भी आदेश किया कि वो याचिकाकर्ताओं की संपत्ति की स्थिति पर एक हलफनामा दायर करें.

कोर्ट के ऑर्डर के बाद अली की पत्नी ने डिप्टी कमिश्नर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दोनों से संपर्क करने की कोशिश की थी. उन्होंने दावा कि डिप्टी कमिश्नर ने उन्हें SSP से मदद लेने को कहा और SSP ने डिप्टी कमिश्नर से. लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली. उनका कहना है कि उन्हें ये समझ नहीं आया कि कोर्ट के आदेश बावजूद उनके पति को पंजाब क्यों ले जाया गया.

ये भी पढ़ें: अटारी बॉर्डर पहुंच चुकी थी पाकिस्तानी महिला, अधिकारियों को बच्चे का पता चला तो वापस बुला लिया

ऐसे ही एक अलग मामले में, 66 और 60 साल की दो बहनों को हिरासत में लिया गया है. उन्हें भी पाकिस्तान भेजने की तैयारी है. दोनों बहनें राजौरी के थानामंडी में 43 साल से रह रही थीं. 66 वर्षीय महिला के बेटे ने बताया कि 1983 में उनकी मां, उनकी दादी और चाची के साथ जम्मू-कश्मीर आई थीं. अब वहां उनका कोई रिश्तेदार नहीं है. ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि इस उम्र में वो पाकिस्तान में कहां रहेंगी.

वीडियो: लल्लनटॉप शो: पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड का घर पता चला

Advertisement

Advertisement

()