The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Jammu Kashmir Amarnath yatris injured after bus brake fails in ramban

अमरनाथ यात्रियों की बस के ब्रेक फेल, जान बचाने के लिए गाड़ी से कूदते लोगों का वीडियो वायरल

हादसे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सेना के जवान और पुलिस वाले बस को रोकते दिख रहे हैं.

Advertisement
pic
2 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 2 जुलाई 2024, 10:38 PM IST)
Jammu Kashmir ramban accident
घायलों को अस्पताल पहुंचाते सेना के जवान. (फोटो- इंडियन आर्मी)
Quick AI Highlights
Click here to view more

जम्मू-कश्मीर के रामबन में एक बड़ा हादसा टला है. 2 जुलाई को अमरनाथ यात्रा से लौट रहे लोगों से भरी एक बस का ब्रेक फेल हो गया. जब ड्राइवर ने बस में बैठे लोगों को ब्रेक फेल होने की जानकारी दी तो कम से कम 10 लोग चलती बस से कूद गए. हादसे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सेना के जवान और पुलिस वाले बस को रोकते दिख रहे हैं. बाद में सेना के जवानों ने ही घायलों का इलाज भी करवाया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बस में कुल 45 यात्री सवार थे. ये सभी अमरनाथ यात्रा के बाद पंजाब के होशियारपुर लौट रहे थे. रामबन जिले के नचलाना पहुंचने पर ब्रेक फेल होने के कारण ड्राइवर बस को रोक नहीं पा रहा था. इसी दौरान कम से कम 10 लोग (6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा) हादसे से बचने के लिए बस से कूद गए.

बस से कूदते लोगों पर सेना के जवानों की नजर पड़ी. सेना और पुलिस की मदद से बस को रोका गया. फिर, टायरों के नीचे पत्थर रखकर बस को नदी में गिरने से रोक लिया. इस तरीके से एक बड़े हादसे को टाला गया.

भारतीय सेना ने एक बयान भी जारी किया है. बताया कि बस रोके जाने के बाद सेना की क्विक रिएक्शन टीम एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर पहुंची. सभी घायलों का नचलाना के एक स्थानीय अस्पताल में इलाज किया गया.

इससे पहले, 30 जून को अनंतनाग में एक सड़क हादसे में कम से कम दो अमरनाथ यात्री घायल हुए थे. यह घटना चंदनवाड़ी में हुई थी जब तीर्थयात्री एक वैन में सवाल होकर गुफा मंदिर की ओर जा रहे थे.

29 जून से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा

52 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू हुई है. ये यात्रा 19 अगस्त को खत्म होगी. अमरनाथ गुफा समुद्र तल से 3880 मीटर की ऊंचाई पर है. गुफा तक पहुंचने के लिए दो रास्तें हैं - एक बालटाल की ओर से और दूसरी पहलगाम के चंदनबाड़ी से. पहलगाम वाला रास्ता 48 किलोमीटर लंबा है. ये आसान माना जाता है. वहीं, बालटाल का रास्ता 14 किलोमीटर लंबा है लेकिन कठिन माना जाता है.

वीडियो: रियासी बस हमला के बाद कैमरे पर लोगों ने खोला राज, जानिए क्या है सेना का प्लान?

Advertisement

Advertisement

()